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बिजली बोर्ड में आउटसोर्स प्रथा को बंद करने की उठाई मांग
Updated Fri, 12 Oct 2018 11:24 PM IST
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नादौन (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने प्रदेश सरकार और बिजली बोर्ड प्रबंधक वर्ग से बोर्ड में चलाई जा रही आउटसोर्स प्रथा को बंद करने की मांग की है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि पहले से बोर्ड में आउटसोर्स पर काम कर रहे समस्त कर्मचारियों को एक नीति विशेष के तहत बोर्ड में समायोजित किया जाए ताकि, बिचौलियों द्वारा आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण खत्म हो सके।
जिन कंपनियों को आउटसोर्स पर रखने का टेंडर दिया गया है, इनमें से अधिकांश कंपनियां ंओउटसोर्स कर्मचारियों को कम वेतन दे रही हैं। सरकार के आदेशों के मुताबिक न्यूनतम वेतन 225 रुपये प्रतिदिन और 6750 रुपये मासिक अदा किया जाना चाहिए। जबकि कई बिचौलियों की ओर से मात्र 4399 रुपये अदा किया जा रहा है और कई जगह 5000 रुपये दिए जा रहे हैं। यूनियन ने न्यू पेंशन स्कीम को रद्द करने और पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग की है।
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जिन कंपनियों को आउटसोर्स पर रखने का टेंडर दिया गया है, इनमें से अधिकांश कंपनियां ंओउटसोर्स कर्मचारियों को कम वेतन दे रही हैं। सरकार के आदेशों के मुताबिक न्यूनतम वेतन 225 रुपये प्रतिदिन और 6750 रुपये मासिक अदा किया जाना चाहिए। जबकि कई बिचौलियों की ओर से मात्र 4399 रुपये अदा किया जा रहा है और कई जगह 5000 रुपये दिए जा रहे हैं। यूनियन ने न्यू पेंशन स्कीम को रद्द करने और पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करने की मांग की है।
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