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बड़सर के अस्पतालों में दो माह से आयरन की दवा नहीं
Updated Wed, 08 Aug 2018 11:27 PM IST
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बड़सर (हमीरपुर)। सरकार की ओर से एनीमिया से पीड़ित और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में आयरन की गोलियां उपलब्ध करवाई जाती हैं लेकिन, बड़सर उपमंडल के अस्पतालों में दो माह से आयरन की गोलियां नहीं हैं। ऐसे में महिलाओं को केमिस्ट की दुकानों से फॉलिक एसिड या आयरन की गोलियां खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही अस्पतालों में विटामिन ए की गोलियां भी उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों ने अस्पताल में फॉलिक एसिड की गोलियां उपलब्ध करवाने की मांग की है।
सरकार की ओर से एनीमिया की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के माध्यम से लोगों को मुफ्त में आयरन खिलाने को प्रेरित किया जा रहा है। बड़सर उपमंडल के तहत एक सिविल अस्पताल, एक सीएचसी तथा पांच पीएचसी हैं। इसमें बड़सर में सिविल अस्पताल, बिझड़ी में सीएचसी और बड़ाग्रां, चकमोह, ननावां तथा भोटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा उपमंडल में कुल 30 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। स्वास्थ्य विभाग हेल्थ वर्कर्स और आशा वर्कर्स के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, एनिमिक मरीजों को नियमित आयरन की गोलियां मुफ्त में खिलाता है। लेकिन, उपमंडल के अस्पतालों में दो माह से आयरन गोलियां उपलब्ध नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के दावों की हवा निकल रही है। स्थानीय लोगों में राकेश कुमार, संजीव कुमार, विपिन कुमार, राज कुमार, संतोष कुमार, वीना देवी, अर्चना, विजय और राजीव सहित अन्यों का कहना है कि अस्पताल में आयरन या फॉलिक एसिड की गोलियां नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्र में आयरन या फॉलिक एसिड की गोलियां उपलब्ध करवाई जाएं।
इस संबंध में बीएमओ एचआर कालिया का कहना है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आयरन की गोलियों का स्टॉक खत्म हो गया है। आयरन उपलब्ध करवाने के लिए उच्च अधिकारियों को डिमांड भेजी गई है। जल्द ही अस्पतालों में आयरन की गोलियां पहुंच जाएंगी।
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सरकार की ओर से एनीमिया की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के माध्यम से लोगों को मुफ्त में आयरन खिलाने को प्रेरित किया जा रहा है। बड़सर उपमंडल के तहत एक सिविल अस्पताल, एक सीएचसी तथा पांच पीएचसी हैं। इसमें बड़सर में सिविल अस्पताल, बिझड़ी में सीएचसी और बड़ाग्रां, चकमोह, ननावां तथा भोटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा उपमंडल में कुल 30 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं। स्वास्थ्य विभाग हेल्थ वर्कर्स और आशा वर्कर्स के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, एनिमिक मरीजों को नियमित आयरन की गोलियां मुफ्त में खिलाता है। लेकिन, उपमंडल के अस्पतालों में दो माह से आयरन गोलियां उपलब्ध नहीं है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के दावों की हवा निकल रही है। स्थानीय लोगों में राकेश कुमार, संजीव कुमार, विपिन कुमार, राज कुमार, संतोष कुमार, वीना देवी, अर्चना, विजय और राजीव सहित अन्यों का कहना है कि अस्पताल में आयरन या फॉलिक एसिड की गोलियां नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्र में आयरन या फॉलिक एसिड की गोलियां उपलब्ध करवाई जाएं।
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इस संबंध में बीएमओ एचआर कालिया का कहना है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आयरन की गोलियों का स्टॉक खत्म हो गया है। आयरन उपलब्ध करवाने के लिए उच्च अधिकारियों को डिमांड भेजी गई है। जल्द ही अस्पतालों में आयरन की गोलियां पहुंच जाएंगी।
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