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पूर्व सैनिकों की वरिष्ठता के खिलाफ शिक्षक संगठनों ने खोला मोर्चा
Updated Sat, 21 Jul 2018 10:48 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर। प्रदेशभर के विभिन्न अध्यापक संगठनों की शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल हमीरपुर में पूर्व प्रधानाचार्य सुरजीत ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई। जिसमें 8 अध्यापक संघों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इसमें पूर्व सैनिकों को दी जाने वाली वरिष्ठता से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को लागू न करने पर रोष व्यक्त किया गया। इस संदर्भ में जिलाधीश हमीरपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें सरकार से मांग की गई कि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व सैनिकों से संबंधित निर्णय को यथाशीघ्र लागू किया जाए।
सर्वोच्च न्यायालय ने 25 अगस्त 2017 को हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिकों को सेना के सेवाकाल की सिविल सर्विसेज में जो वरिष्ठता नियम 5(1) के अधीन दी जाती है, उसे असंवैधानिक करार दिया है। इसलिए सरकार से सभी संगठनों ने पुरजोर मांग की है कि पूर्व सैनिकों को दी जाने वाली यह वरिष्ठता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए। क्योंकि जिस नियम के आधार पर यह वरिष्ठता प्रदान की जा रही है, सर्वोच्च न्यायालय ने उसे ही असंवैधानिक ठहराया हुआ है। अत: यह वरिष्ठता सूची फिर से निर्धारित की जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न अध्यापक संगठन अपने अपने जिले में सरकार के प्रतिनिधियों को ज्ञापन देंगे। अगर आवश्यकता पड़ी तो विभिन्न अध्यापक संगठन एक मंच पर राज्यभर में एकत्रित होकर प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। क्योंकि वरिष्ठता की यह लड़ाई विभिन्न अध्यापक संगठनों ने लगभग 25 सालों से न्यायालयों में लड़ी है। 25 सालों के बाद जो न्याय मिला है, उसे सरकार और लंबा कर रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश प्रधानाचार्य एवं निरीक्षण संवर्ग, हेड मास्टर ऑफिसर एसोसिएशन, प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ, पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ, प्राथमिक अध्यापक संघ, हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ, हिमाचल गवर्नमेंट टीचर यूनियन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। जिनमें सुरजीत ठाकुर पूर्व प्रिंसिपल, प्रधानाचार्य पीसी वर्मा, करतार चंद पटियाल, विजय गौतम, यशवीर जंवाल, हरिमन शर्मा, केवल ठाकुर, संजीव ठाकुर, संजीव चोपड़ा, मुश्ताक मोहम्मद, अजय नंदा, जोगराज डोगरा, राजेंद्र चंबियाल, तेज सिंह, डॉक्टर प्रकाश, वीर सिंह, दिनेश दीवान, संजीव चोपड़ा, रंजीत गुलेरिया, अशोक, संजीव ठाकुर, विजय गौतम, दिले मोहम्मद, प्रवीण शर्मा, बीके शर्मा, अनूप शर्मा और अश्वनी गौतम सहित 150 से अधिक अध्यापकों ने भाग लिया।
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सर्वोच्च न्यायालय ने 25 अगस्त 2017 को हिमाचल प्रदेश के पूर्व सैनिकों को सेना के सेवाकाल की सिविल सर्विसेज में जो वरिष्ठता नियम 5(1) के अधीन दी जाती है, उसे असंवैधानिक करार दिया है। इसलिए सरकार से सभी संगठनों ने पुरजोर मांग की है कि पूर्व सैनिकों को दी जाने वाली यह वरिष्ठता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए। क्योंकि जिस नियम के आधार पर यह वरिष्ठता प्रदान की जा रही है, सर्वोच्च न्यायालय ने उसे ही असंवैधानिक ठहराया हुआ है। अत: यह वरिष्ठता सूची फिर से निर्धारित की जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभिन्न अध्यापक संगठन अपने अपने जिले में सरकार के प्रतिनिधियों को ज्ञापन देंगे। अगर आवश्यकता पड़ी तो विभिन्न अध्यापक संगठन एक मंच पर राज्यभर में एकत्रित होकर प्रदर्शन करने से भी गुरेज नहीं करेंगे। क्योंकि वरिष्ठता की यह लड़ाई विभिन्न अध्यापक संगठनों ने लगभग 25 सालों से न्यायालयों में लड़ी है। 25 सालों के बाद जो न्याय मिला है, उसे सरकार और लंबा कर रही है। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश प्रधानाचार्य एवं निरीक्षण संवर्ग, हेड मास्टर ऑफिसर एसोसिएशन, प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ, पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ, प्राथमिक अध्यापक संघ, हिमाचल प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ, हिमाचल गवर्नमेंट टीचर यूनियन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। जिनमें सुरजीत ठाकुर पूर्व प्रिंसिपल, प्रधानाचार्य पीसी वर्मा, करतार चंद पटियाल, विजय गौतम, यशवीर जंवाल, हरिमन शर्मा, केवल ठाकुर, संजीव ठाकुर, संजीव चोपड़ा, मुश्ताक मोहम्मद, अजय नंदा, जोगराज डोगरा, राजेंद्र चंबियाल, तेज सिंह, डॉक्टर प्रकाश, वीर सिंह, दिनेश दीवान, संजीव चोपड़ा, रंजीत गुलेरिया, अशोक, संजीव ठाकुर, विजय गौतम, दिले मोहम्मद, प्रवीण शर्मा, बीके शर्मा, अनूप शर्मा और अश्वनी गौतम सहित 150 से अधिक अध्यापकों ने भाग लिया।
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