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मारपीट के आरोपी को दो साल की कैद, 36 हजार जुर्माना
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हमीरपुर। मारपीट के एक दोषी को सेशन जज राकेश कैंथला की अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत दो साल की कैद और 36 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने तमाम सबूतों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए बीते 29 अप्रैल को फैसला सुनाया।
15 मई 2015 को पुलिस थाना भोरंज में आरोपी राज कमल निवासी उपरला मनोह डॉ. कड़होता के खिलाफ पीड़ित पृथी चंद और उसके भाई बालक राम ने मामला दर्ज करवाया था। आरोपी ने किसी विवाद को लेकर पीड़ित पृथी चंद के साथ मारपीट की। वहीं, बीच बचाव में आए पीड़ित के भाई बालक राम के साथ भी मारपीट की। इस मारपीट में पृथी चंद की आंख फूट गई और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आई। आरोपी ने बांस के डंडे से पीड़ित पर प्रहार किए। अस्पताल में चिकित्सकों ने इसे गंभीर चोट करार दिया। जिस पर पुलिस थाना भोरंज में मामला दर्ज हुआ।
करीब चार साल तक न्यायालय में चले इस केस का फैसला सेशन जज राकेश कैंथला ने 27 अप्रैल को सुना दिया। जिसके तहत दोषी राजकमल को दो साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं, आईपीसी की धारा 325 के तहत छह माह का साधारण कारावास और जुर्माने की राशि के रूप में 15 हजार पीड़ित को भुगतान करने और धारा 323 के तहत छह माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। पीड़ित की तरफ से केस की पैरवी जिला न्यायवादी सीएस भाटिया ने की।
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15 मई 2015 को पुलिस थाना भोरंज में आरोपी राज कमल निवासी उपरला मनोह डॉ. कड़होता के खिलाफ पीड़ित पृथी चंद और उसके भाई बालक राम ने मामला दर्ज करवाया था। आरोपी ने किसी विवाद को लेकर पीड़ित पृथी चंद के साथ मारपीट की। वहीं, बीच बचाव में आए पीड़ित के भाई बालक राम के साथ भी मारपीट की। इस मारपीट में पृथी चंद की आंख फूट गई और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोटें आई। आरोपी ने बांस के डंडे से पीड़ित पर प्रहार किए। अस्पताल में चिकित्सकों ने इसे गंभीर चोट करार दिया। जिस पर पुलिस थाना भोरंज में मामला दर्ज हुआ।
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करीब चार साल तक न्यायालय में चले इस केस का फैसला सेशन जज राकेश कैंथला ने 27 अप्रैल को सुना दिया। जिसके तहत दोषी राजकमल को दो साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं, आईपीसी की धारा 325 के तहत छह माह का साधारण कारावास और जुर्माने की राशि के रूप में 15 हजार पीड़ित को भुगतान करने और धारा 323 के तहत छह माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। पीड़ित की तरफ से केस की पैरवी जिला न्यायवादी सीएस भाटिया ने की।
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