{"_id":"5b5877ac4f1c1b827d8b49e8","slug":"81532524460-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एबीवीपी का आरोप, एसएफआई और कॉलेज प्रशासन कर रहे माहौल खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एबीवीपी का आरोप, एसएफआई और कॉलेज प्रशासन कर रहे माहौल खराब
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमीरपुर इकाई ने बुधवार को प्राचार्य को बीच कैंपस में घेर कर कॉलेज में बैग लेकर आने की अनुमति देने का आग्रह किया। परिषद कार्यकर्ताओं का कहना है कि बैग लाने पर प्रतिबंध के चलते छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। छात्र कॉलेज के सामने दुकानों पर अपने बैग रखने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने प्रधानाचार्य से मांग की है कि सभी छात्र एवं छात्राओं को बैग लेकर कॉलेज में प्रवेश करवाया जाए, ताकि छात्रों को कोई परेशानी न हो। इसके साथ कॉलेज में 3 में से सिर्फ एक गेट को ही खोला जाए। दो गार्ड को कुछ दिनों तक बैग की चेकिंग के लिए तैनात किया जाए।
विद्यार्थी परिषद हमीरपुर इकाई के सचिव और जिला संयोजक सचिन लगवाल ने कहा कि कॉलेज का शैक्षणिक माहौल खराब करने के पीछे एसएफआई और कॉलेज प्रशासन जिम्मेवार हैं। कॉलेज में बैग बंद होने के बाद भी एसएफआई के कार्यकर्ता के पास ग्रिप मिला है। इससे पता चलता है कि एसएफआई जो आरोप विद्यार्थी परिषद पर लगा रही है वह उनके लिए ही सत्यापित होता है। सचिन ने कहा कि कॉलेज से निलंबित 6 छात्रों में से एसएफआई के 2 ऐसे कार्यकर्ता हैं जो पहले भी 4 बार निलंबित हुए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को कॉलेज से बाहर करने की मांग की है।
विज्ञापन
विद्यार्थी परिषद हमीरपुर इकाई के सचिव और जिला संयोजक सचिन लगवाल ने कहा कि कॉलेज का शैक्षणिक माहौल खराब करने के पीछे एसएफआई और कॉलेज प्रशासन जिम्मेवार हैं। कॉलेज में बैग बंद होने के बाद भी एसएफआई के कार्यकर्ता के पास ग्रिप मिला है। इससे पता चलता है कि एसएफआई जो आरोप विद्यार्थी परिषद पर लगा रही है वह उनके लिए ही सत्यापित होता है। सचिन ने कहा कि कॉलेज से निलंबित 6 छात्रों में से एसएफआई के 2 ऐसे कार्यकर्ता हैं जो पहले भी 4 बार निलंबित हुए हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को कॉलेज से बाहर करने की मांग की है।
विज्ञापन