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दुकानों में रेट लिस्ट लगाने की पाबंदी हटी
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:50 PM IST
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हमीरपुर। प्रदेश सरकार ने दुकानों पर रेट लिस्टें लगाने की पाबंदी हटा दी है। अब दुकानदार बिना रेट लिस्ट लगाए भी सामान बेच सकेंगे। प्रदेश सरकार ने लिस्ट न लगाने को मंजूरी दे दी है। हालांकि इसकी अधिसूचना अभी विभाग के पास नहीं पहुंची है, लेकिन सरकार के निर्देश विभाग के पास आ गए हैं। जल्द ही इसकी अधिसूचना खाद्य आपूर्ति विभाग के पास पहुंच जाएगी।
सरकार के रेट लिस्ट हटाने के निर्णय के कारण अब दुकानदार मनमाने दाम वसूलेंगे। इस कारण उपभोक्ताओं को अधिक आर्थिक चपत लगेगी। वहीं बाजार में प्रतिस्पर्धा का दौर बढ़ेगा। इस कारण एक बाजार में एक वस्तु के अधिक दाम होने से उपभोक्ताओं और दुकानदारों में लड़ाई आम होगी। अब खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षकों ने दुकानों पर रेट लिस्ट के लिए छापेमारी कम कर दी है। रेट लिस्ट न लगाने के निर्णय के कारण जहां विक्रेताओं को फायदा होगा वहीं उपभोक्ताओं को इस कारण हानि का होगी। बाजार में एक वस्तु, सब्जी, फल या अन्य सामान के एक से अधिक दाम होंगे। इस कारण दुकानदारों में भी आपसी मतभेद रहेगा। वहीं दुकानदारों द्वारा बाजार में एक वस्तु के उच्च दाम तय किए जा सकते हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी होगी। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान का कहना है कि सरकार ने रेट लिस्ट लगाने पर से पाबंदी हटा दी है। इसकी अधिसूचना अभी विभाग के पास नहीं आई है।
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सरकार के रेट लिस्ट हटाने के निर्णय के कारण अब दुकानदार मनमाने दाम वसूलेंगे। इस कारण उपभोक्ताओं को अधिक आर्थिक चपत लगेगी। वहीं बाजार में प्रतिस्पर्धा का दौर बढ़ेगा। इस कारण एक बाजार में एक वस्तु के अधिक दाम होने से उपभोक्ताओं और दुकानदारों में लड़ाई आम होगी। अब खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षकों ने दुकानों पर रेट लिस्ट के लिए छापेमारी कम कर दी है। रेट लिस्ट न लगाने के निर्णय के कारण जहां विक्रेताओं को फायदा होगा वहीं उपभोक्ताओं को इस कारण हानि का होगी। बाजार में एक वस्तु, सब्जी, फल या अन्य सामान के एक से अधिक दाम होंगे। इस कारण दुकानदारों में भी आपसी मतभेद रहेगा। वहीं दुकानदारों द्वारा बाजार में एक वस्तु के उच्च दाम तय किए जा सकते हैं। इस कारण उपभोक्ताओं को परेशानी होगी। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र धीमान का कहना है कि सरकार ने रेट लिस्ट लगाने पर से पाबंदी हटा दी है। इसकी अधिसूचना अभी विभाग के पास नहीं आई है।
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