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Hamirpur (Himachal) News: जिले के 73 स्कूलों को मिले 10.95 लाख रुपये
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हमीरपुर। समग्र शिक्षा के तहत जिले के 73 प्री-व्यावसायिक कोर्स वाले स्कूलों को सरकार से 10.95 लाख रुपये का वार्षिक अनुदान जारी हुआ है। इन स्कूलों को यह वार्षिक अनुदान शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत जारी किया गया है ताकि स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के प्रति जागरूक किया जा सके और व्यावसायिक शिक्षा को और बढ़ावा दिया जा सके। बजट राशि का आवंटन 15 हजार रुपये प्रति स्कूल विद्यार्थियों को गतिविधियों का आयोजन करने के लिए किया गया है ताकि स्कूलों में गणित, विज्ञान और भाषा शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न व्यवसायों के बारे में बताया जा सके।
बजट राशि का प्रयोग गतिविधियों के लिए कच्चा माल खरीदने, छात्रों की परिवहन भत्ता, यात्रा के दौरान जलपान प्रति छात्र 50 रुपये और विशेषज्ञ को 500 रुपये प्रति सत्र दिया गया है। व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को काम की दुनिया से परिचित कराना, उनमें विभिन्न व्यवसायों के प्रति सम्मान पैदा करना और उन्हें आगे के व्यावसायिक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए तैयार करना, स्कूल बैग के बोझ को कम करने और महत्वपूर्ण रूप से शिक्षा को आकर्षक, मजेदार और आनंददायक गतिविधि बनाने के लिए है, जिससे छात्रों को खुद को पूरी तरह से अभिव्यक्त करने का पर्याप्त अवसर प्रदान करके उनकी ऊर्जा को चैनलाइज करने के लिए जगह बनाई जा सके और स्कूली पाठ्यक्रम में कौशल शिक्षा को एकीकृत किया जा सके। बजट राशि के तहत स्कूलों में कला, क्विज, खेल और व्यावसायिक शिल्प से जुड़ी विभिन्न प्रकार की समृद्ध गतिविधियों के लिए पूरे वर्ष 10 बैगलेस दिनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। बच्चों को समय-समय पर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व के स्थानों पर जाकर, स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों से मुलाकात के माध्यम से स्कूल के बाहर की गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा।
इस बारे में जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर के प्रधानाचार्य धर्मपाल चौधरी ने कहा कि प्री-व्यावसायिक कोर्स वाले 73 स्कूलों को बजट स्वीकृत हुआ है। जिसका आवंटन खंड स्तर पर किया गया है।
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बजट राशि का प्रयोग गतिविधियों के लिए कच्चा माल खरीदने, छात्रों की परिवहन भत्ता, यात्रा के दौरान जलपान प्रति छात्र 50 रुपये और विशेषज्ञ को 500 रुपये प्रति सत्र दिया गया है। व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को काम की दुनिया से परिचित कराना, उनमें विभिन्न व्यवसायों के प्रति सम्मान पैदा करना और उन्हें आगे के व्यावसायिक कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए तैयार करना, स्कूल बैग के बोझ को कम करने और महत्वपूर्ण रूप से शिक्षा को आकर्षक, मजेदार और आनंददायक गतिविधि बनाने के लिए है, जिससे छात्रों को खुद को पूरी तरह से अभिव्यक्त करने का पर्याप्त अवसर प्रदान करके उनकी ऊर्जा को चैनलाइज करने के लिए जगह बनाई जा सके और स्कूली पाठ्यक्रम में कौशल शिक्षा को एकीकृत किया जा सके। बजट राशि के तहत स्कूलों में कला, क्विज, खेल और व्यावसायिक शिल्प से जुड़ी विभिन्न प्रकार की समृद्ध गतिविधियों के लिए पूरे वर्ष 10 बैगलेस दिनों को प्रोत्साहित किया जाएगा। बच्चों को समय-समय पर ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व के स्थानों पर जाकर, स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों से मुलाकात के माध्यम से स्कूल के बाहर की गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा।
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इस बारे में जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान गौना करौर के प्रधानाचार्य धर्मपाल चौधरी ने कहा कि प्री-व्यावसायिक कोर्स वाले 73 स्कूलों को बजट स्वीकृत हुआ है। जिसका आवंटन खंड स्तर पर किया गया है।
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