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साही और बलोड़ में बढ़े तेंदुए के हमले, लोगों में खौफ
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:49 PM IST
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जाहू (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के दो गांवों में तेंदुए ने एक गाय और बछड़े पर हमला करके उन्हें लहूलुहान कर दिया है। उपमंडल में लोग तेंदुए के आतंक से परेशान हो गए हैं। उपमंडल के दो गांवों बलोड़ और साई में तेंदुए ने गाय और एक बछड़े पर हमला किया है। हालांकि, ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ भाग गया लेकिन, तेंदुए के लगातार बढ़ रहे हमलों से लोगों में दहशत का माहौल है। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण लंबे समय से तेंदुओं को पकड़ने की वन विभाग के अधिकारियों से मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद पिंजरे नहीं लगाए जा रहे हैं। जबकि क्षेत्र में तेंदुए के हमले जारी हैं।
गरसाहड़ पंचायत के साही गांव के राज कुमार पुत्र राम लाल ने बताया कि बुधवार रात्रि करीब साढ़े दस बजे तेंदुआ पशुशाला के बाहर बंधे बछड़े पर झपट गया। तेंदुए की दहाड़ की आवाज सुनकर लोग बाहर निकले तो तेंदुए बछड़े को उठा रहा था। परिजनों और ग्रामीणों की ओर से शोर मचाने पर तेंदुआ बछड़े को छोड़कर भाग गया। तेंदुए के हमले से बछड़ा बुरी तरह से लहूलुहान हुआ है। ग्रामीण कैप्टन ब्रह्मदास, बिशंभर दास, गोल्डी कुमार, सतीश कुमार, विजय, सन्नी कुमार, सुषमा देवी, देश राज, रवि कुमार, मौजी राम और अन्य ने बताया कि साही गांव में कई दिनों से तेंदुए का आतंक बना हुआ है। वहीं भोरंज पंचायत के बलोड़ गांव में भी एक गाय पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इससे गाय घायल हो गई। इसी तरह धिरवीं, रौहीं गांव में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। इससे ग्रामीणों का खेतों में जाना, बच्चों का स्कूल जाना और पशुओं के लिए चारा लाना मुश्किल हो गया है। भोरंज पंचायत प्रधान गरीब दास ने मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए।
उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी अग्घार मंशा राम का कहना है कि तेंदुए के हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वन विभाग के कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग की घटनाओं से तेंदुए के लिए भोजन नहीं रहा है। इस वजह से तेंदुआ रिहायशी क्षेत्र में हमला कर रहा है।
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गरसाहड़ पंचायत के साही गांव के राज कुमार पुत्र राम लाल ने बताया कि बुधवार रात्रि करीब साढ़े दस बजे तेंदुआ पशुशाला के बाहर बंधे बछड़े पर झपट गया। तेंदुए की दहाड़ की आवाज सुनकर लोग बाहर निकले तो तेंदुए बछड़े को उठा रहा था। परिजनों और ग्रामीणों की ओर से शोर मचाने पर तेंदुआ बछड़े को छोड़कर भाग गया। तेंदुए के हमले से बछड़ा बुरी तरह से लहूलुहान हुआ है। ग्रामीण कैप्टन ब्रह्मदास, बिशंभर दास, गोल्डी कुमार, सतीश कुमार, विजय, सन्नी कुमार, सुषमा देवी, देश राज, रवि कुमार, मौजी राम और अन्य ने बताया कि साही गांव में कई दिनों से तेंदुए का आतंक बना हुआ है। वहीं भोरंज पंचायत के बलोड़ गांव में भी एक गाय पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इससे गाय घायल हो गई। इसी तरह धिरवीं, रौहीं गांव में तेंदुए का आतंक बना हुआ है। इससे ग्रामीणों का खेतों में जाना, बच्चों का स्कूल जाना और पशुओं के लिए चारा लाना मुश्किल हो गया है। भोरंज पंचायत प्रधान गरीब दास ने मांग की है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए।
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उधर, वन परिक्षेत्र अधिकारी अग्घार मंशा राम का कहना है कि तेंदुए के हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वन विभाग के कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगलों में आग की घटनाओं से तेंदुए के लिए भोजन नहीं रहा है। इस वजह से तेंदुआ रिहायशी क्षेत्र में हमला कर रहा है।
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