{"_id":"65f1a227ccb39808d304045a","slug":"64-new-cases-of-diarrhea-were-reported-in-taunidevi-area-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1001-123540-2024-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: टौणीदेवी क्षेत्र में डायरिया के 64 नए मामले आए सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: टौणीदेवी क्षेत्र में डायरिया के 64 नए मामले आए सामने
विज्ञापन
400 से भी अधिक लोग डायरिया से हैं पीड़ित, लगातार बढ़ रहा आंकड़ा
पांच लोग सिविल अस्पताल टौणी देवी में उपचाराधीन, टीमें स्क्रीनिंग में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में बुधवार को डायरिया के 64 नए केस सामने आए हैं। 88 मरीज स्वस्थ हो गए है। पांच मरीज अस्पताल में दाखिल हैं। सक्रिय मामले 71 रह गए हैं। स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में चार दिन में डायरिया के मरीज 400 के पार हो गए है। रैपिड रिस्पांस टीम भी डायरिया से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही है।
12 पंचायतों के 27 गांवों में रैपिड रिस्पांस टीम उच्च स्तरीय जांच कर रही है। टीम डायरिया फैलने के कारणों की भी जांच कर रही है। जांच टीम ने जल शक्ति विभाग के टैंकों के साथ साथ उन स्रोतों के भी सैंपल लिए जहां पानी स्टोर कर रखा गया था। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। रैपिड रिस्पांस टीम में शामिल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर यशवंत रांटा, आईजीएमसी शिमला के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर किरण मोकटा, आईजीएमसी शिमला के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन से डॉक्टर अनुराग पट्टी तथा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के लैब तकनीशियन परीक्षित ने सिविल अस्पताल टौणी देवी, पीएचसी उहल, उटपुर बारी मंदिर छत्रैहल और गवारडू पहुंचे। टीम ने रोगियों से बातचीत की और तथ्य जुटाए। कई जगह से पानी के सैंपल एकत्र कर शिमला भिजवाए गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता भी टीम के साथ दिनभर स्क्रीनिंग कार्य में जुटे रहे।
स्वास्थ्य विभाग के सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी
क्षेत्र से जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी चार सैंपल लिए हैं। इनकी रिपोर्ट आना अभी शेष है। ऐसे में अब रिपोर्ट आने पर ही साफ हो पाएगा कि क्षेत्र में डायरिया किन वजहों से फैला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा था। जल शक्ति विभाग का दावा है कि उनके सैंपल पूरी तरह से ठीक हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि क्या कारण हैं।
विज्ञापन
कोट
जल शक्ति विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता संंजय ठाकुर ने कहा कि जल शक्ति विभाग ने पानी के 12 सैंपल लिए थे और सभी सैंपल ठीक पाए गए हैं। खातरियों और बावड़ियों की पानी की गुणवत्ता मानकों में सही नहीं है। ऐसे में लोगों को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग खातरियों और बावड़ियों के पानी को बिना उबाले इस्तेमाल करें। सभी पेयजल टैंकों को साफ कर दिया गया है।
विज्ञापन
पांच लोग सिविल अस्पताल टौणी देवी में उपचाराधीन, टीमें स्क्रीनिंग में जुटी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में बुधवार को डायरिया के 64 नए केस सामने आए हैं। 88 मरीज स्वस्थ हो गए है। पांच मरीज अस्पताल में दाखिल हैं। सक्रिय मामले 71 रह गए हैं। स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में चार दिन में डायरिया के मरीज 400 के पार हो गए है। रैपिड रिस्पांस टीम भी डायरिया से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही है।
12 पंचायतों के 27 गांवों में रैपिड रिस्पांस टीम उच्च स्तरीय जांच कर रही है। टीम डायरिया फैलने के कारणों की भी जांच कर रही है। जांच टीम ने जल शक्ति विभाग के टैंकों के साथ साथ उन स्रोतों के भी सैंपल लिए जहां पानी स्टोर कर रखा गया था। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। रैपिड रिस्पांस टीम में शामिल विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर यशवंत रांटा, आईजीएमसी शिमला के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर किरण मोकटा, आईजीएमसी शिमला के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन से डॉक्टर अनुराग पट्टी तथा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के लैब तकनीशियन परीक्षित ने सिविल अस्पताल टौणी देवी, पीएचसी उहल, उटपुर बारी मंदिर छत्रैहल और गवारडू पहुंचे। टीम ने रोगियों से बातचीत की और तथ्य जुटाए। कई जगह से पानी के सैंपल एकत्र कर शिमला भिजवाए गए हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता भी टीम के साथ दिनभर स्क्रीनिंग कार्य में जुटे रहे।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी
क्षेत्र से जिला स्वास्थ्य विभाग ने भी चार सैंपल लिए हैं। इनकी रिपोर्ट आना अभी शेष है। ऐसे में अब रिपोर्ट आने पर ही साफ हो पाएगा कि क्षेत्र में डायरिया किन वजहों से फैला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा था। जल शक्ति विभाग का दावा है कि उनके सैंपल पूरी तरह से ठीक हैं। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि क्या कारण हैं।
विज्ञापन
कोट
जल शक्ति विभाग हमीरपुर के अधिशासी अभियंता संंजय ठाकुर ने कहा कि जल शक्ति विभाग ने पानी के 12 सैंपल लिए थे और सभी सैंपल ठीक पाए गए हैं। खातरियों और बावड़ियों की पानी की गुणवत्ता मानकों में सही नहीं है। ऐसे में लोगों को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग खातरियों और बावड़ियों के पानी को बिना उबाले इस्तेमाल करें। सभी पेयजल टैंकों को साफ कर दिया गया है।