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Hamirpur (Himachal) News: चार प्रहरों में एक साथ होगा 600 पार्थिव शिवलिंग का पूजन
Sun, 15 Feb 2026 01:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 15 Feb 2026 01:20 AM IST
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महाशिवरात्रि पर्व से पहले ही गसोता महादेव मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : मंदिर कमेटी
हमीरपुर। जिले में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर शिवालय सज गए हैं। शिवपुरी धाम समताना और गसोता महादेव मंदिर में इस बार विशेष पूजन का आयोजन किया जाएगा। इसमें शिव पूजन के साथ नाम दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन भी होगा।
प्रसिद्ध शिवपुरी धाम को इस बार विशेष रूप से कोलकाता से लाए फूलों से सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन की ओर से सजावट में गेंदा के साथ अशोक वृक्ष के पत्तों का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि सूखने पर उनकी धूप बत्तियां बनाई जा सकें। रविवार सुबह प्रातः चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलेंगे। इसके बाद आरती के साथ दर्शनों का दौर शुरू होगा।
दर्शनों के बाद पूर्वाह्न 11 से दोपहर दो बजे तक शिव महापुराण कथा में भगवान शिव और पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा। दोपहर तीन बजे चार प्रहर की पूजा के लिए 600 साधकों को 16 प्रकार की सामग्री और पार्थिव शिवलिंग हवन कुंड प्रदान किए जाएंगे। रात आठ बजे पहले प्रहर की पूजा होगी, जिसमें शिवलिंग को जल अर्पित किया जाएगा।
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इसके उपरांत नौ से 11:30 बजे तक भगवान सूर्य पूजन होगा। 11:45 से 12:45 तक दूसरे प्रहर का पूजन होगा। इसमें पार्थिव शिवलिंगों का रुद्राभिषेक और रात एक से 2:30 बजे तक तीसरे प्रहर का पूजन शुरू होगा, जिसमें रुद्रि हवन व सुबह तीन से 4:00 बजे ब्रह्म मुहूर्त में चौथे व अंतिम प्रहर का पूजन किया जाएगा।
सोमवार सुबह 5:00 बजे साधकों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पूर्वाह्न 11 से शाम चार बजे तक अलग से भंडारा आयोजित होगा। मंदिर महंत शेखर सुमन ने श्रद्धालुओं से भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
बाक्स:
पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ेगी 16 प्रकार की सामग्री
पार्थिव शिवलिंग का निर्माण बामी की मिट्टी से तैयार किया जाता है। पूजन के लिए 16 प्रकार की सामग्री आसन, पाद्य (पैर धोना), अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, आभूषण, गंध (चंदन), पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), तांबूल (पान), दक्षिणा, प्रदक्षिणा और नमस्कार शामिल हैं।
बाक्स:
दिनभर श्रद्धालुओं को मिलेगा चाय, घोटा और फलाहार
जिला मुख्यालय के प्रसिद्ध गसोता महादेव मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन के साथ शिव आराधना का कार्यक्रम चलेगा। मंदिर में सुबह चार बजे कपाट खुलते ही आरती होगी। इसके बाद श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकेंगे। दिन में मंदिर में झंडा रस्म की जाएगी। मंदिर में श्रद्धालुओं को दिनभर चाय, घोटा, फलाहार प्रदान किया जाएगा। सोमवार को व्रत के पूर्ण होने पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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प्रसिद्ध शिवपुरी धाम को इस बार विशेष रूप से कोलकाता से लाए फूलों से सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन की ओर से सजावट में गेंदा के साथ अशोक वृक्ष के पत्तों का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि सूखने पर उनकी धूप बत्तियां बनाई जा सकें। रविवार सुबह प्रातः चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलेंगे। इसके बाद आरती के साथ दर्शनों का दौर शुरू होगा।
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दर्शनों के बाद पूर्वाह्न 11 से दोपहर दो बजे तक शिव महापुराण कथा में भगवान शिव और पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा। दोपहर तीन बजे चार प्रहर की पूजा के लिए 600 साधकों को 16 प्रकार की सामग्री और पार्थिव शिवलिंग हवन कुंड प्रदान किए जाएंगे। रात आठ बजे पहले प्रहर की पूजा होगी, जिसमें शिवलिंग को जल अर्पित किया जाएगा।
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इसके उपरांत नौ से 11:30 बजे तक भगवान सूर्य पूजन होगा। 11:45 से 12:45 तक दूसरे प्रहर का पूजन होगा। इसमें पार्थिव शिवलिंगों का रुद्राभिषेक और रात एक से 2:30 बजे तक तीसरे प्रहर का पूजन शुरू होगा, जिसमें रुद्रि हवन व सुबह तीन से 4:00 बजे ब्रह्म मुहूर्त में चौथे व अंतिम प्रहर का पूजन किया जाएगा।
सोमवार सुबह 5:00 बजे साधकों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं के लिए पूर्वाह्न 11 से शाम चार बजे तक अलग से भंडारा आयोजित होगा। मंदिर महंत शेखर सुमन ने श्रद्धालुओं से भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
बाक्स:
पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ेगी 16 प्रकार की सामग्री
पार्थिव शिवलिंग का निर्माण बामी की मिट्टी से तैयार किया जाता है। पूजन के लिए 16 प्रकार की सामग्री आसन, पाद्य (पैर धोना), अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, आभूषण, गंध (चंदन), पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), तांबूल (पान), दक्षिणा, प्रदक्षिणा और नमस्कार शामिल हैं।
बाक्स:
दिनभर श्रद्धालुओं को मिलेगा चाय, घोटा और फलाहार
जिला मुख्यालय के प्रसिद्ध गसोता महादेव मंदिर में दिनभर भजन-कीर्तन के साथ शिव आराधना का कार्यक्रम चलेगा। मंदिर में सुबह चार बजे कपाट खुलते ही आरती होगी। इसके बाद श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सकेंगे। दिन में मंदिर में झंडा रस्म की जाएगी। मंदिर में श्रद्धालुओं को दिनभर चाय, घोटा, फलाहार प्रदान किया जाएगा। सोमवार को व्रत के पूर्ण होने पर भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

महाशिवरात्रि पर्व से पहले ही गसोता महादेव मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : मंदिर कमेटी

महाशिवरात्रि पर्व से पहले ही गसोता महादेव मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : मंदिर कमेटी

महाशिवरात्रि पर्व से पहले ही गसोता महादेव मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : मंदिर कमेटी

महाशिवरात्रि पर्व से पहले ही गसोता महादेव मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु। स्रोत : मंदिर कमेटी