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मनरेगा के माध्यम से होगा 49 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण : चौहान
Wed, 22 Jan 2025 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:43 AM IST
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हमीरपुर। जिला परिषद के हॉल में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एडीएम एवं कार्यवाहक उपायुक्त राहुल चौहान ने की।
उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला में कुल 1351 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह वर्ष तक के शिशुओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विशेष पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें से 95 आंगनबाड़ी केंद्र विभाग के अपने भवनों में संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 180 आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल भवनों में, 427 सामुदायिक भवनों, आठ पंचायत भवनों और 641 केंद्र अन्य भवनों में चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिला में 49 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण मनरेगा कन्वर्जेंस से किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को इन भवन के कार्य अतिशीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को सात प्राथमिक स्कूलों में संचालित किए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए तुरंत बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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पोषण अभियान की समीक्षा करते हुए कार्यवाहक उपायुक्त ने कहा कि गंभीर कुपोषण के शिकार जिला के 130 बच्चों पर विशेष रूप से फोकस किया जाना चाहिए। शिशु के जन्म के समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्ड पर शिशु के वजन, लंबाई और अन्य स्वास्थ्य मानकों से संबंधित सभी कॉलम को भरें, ताकि शिशुओं की ग्रोथ की सही मॉनीटरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि अत्याचार पीडि़त महिलाओं को तुरंत मदद, राहत एवं आश्रय प्रदान करने के लिए जिला में वन स्टॉप सेंटर स्थापित किया गया है। इस वित्त वर्ष में अभी तक वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 47 मामलों में पीड़ित महिलाओं की त्वरित मदद की गई है।
बेटी है अनमोल योजना में लगभग 52 लाख रुपये खर्च किए गए और मुख्यमंत्री शगुन योजना की 236 लाभार्थियों को 73.16 लाख, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की 101 लाभार्थियों को 51.51 लाख रुपये दिए गए। जिला में 188 बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला में कुल 1351 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह वर्ष तक के शिशुओं, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विशेष पोषण कार्यक्रम के अंतर्गत लाभान्वित किया जा रहा है। इनमें से 95 आंगनबाड़ी केंद्र विभाग के अपने भवनों में संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 180 आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल भवनों में, 427 सामुदायिक भवनों, आठ पंचायत भवनों और 641 केंद्र अन्य भवनों में चलाए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जिला में 49 आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण मनरेगा कन्वर्जेंस से किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को इन भवन के कार्य अतिशीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक को सात प्राथमिक स्कूलों में संचालित किए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए तुरंत बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
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पोषण अभियान की समीक्षा करते हुए कार्यवाहक उपायुक्त ने कहा कि गंभीर कुपोषण के शिकार जिला के 130 बच्चों पर विशेष रूप से फोकस किया जाना चाहिए। शिशु के जन्म के समय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्ड पर शिशु के वजन, लंबाई और अन्य स्वास्थ्य मानकों से संबंधित सभी कॉलम को भरें, ताकि शिशुओं की ग्रोथ की सही मॉनीटरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि अत्याचार पीडि़त महिलाओं को तुरंत मदद, राहत एवं आश्रय प्रदान करने के लिए जिला में वन स्टॉप सेंटर स्थापित किया गया है। इस वित्त वर्ष में अभी तक वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से 47 मामलों में पीड़ित महिलाओं की त्वरित मदद की गई है।
बेटी है अनमोल योजना में लगभग 52 लाख रुपये खर्च किए गए और मुख्यमंत्री शगुन योजना की 236 लाभार्थियों को 73.16 लाख, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की 101 लाभार्थियों को 51.51 लाख रुपये दिए गए। जिला में 188 बच्चों को मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष बबली देवी और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।