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Hamirpur (Himachal) News: डीएनबी से 32 डॉक्टरों को नहीं मिली राहत, रिलोकेट होने का दिया विकल्प
Tue, 09 Apr 2024 06:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 09 Apr 2024 06:29 AM IST
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में डीएनबी (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड) के 32 चिकित्सकों को राहत नहीं मिल पाई है। कुछ दिन पूर्व बॉन्ड भरने को लेकर कुछ डीएनबी डॉक्टरों ने बोर्ड से शिकायत की थी कि उन्हें स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा। इसके बाद डीएनबी ने इन डॉक्टर को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से वापस लिया था और पांच दिन में मेडिकल कॉलेज छोड़ने के आदेश हुए थे।
डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ही पढ़ाई जारी रखने की मांग रखी थी। इसको लेकर डॉक्टरों ने डीएनबी के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। मगर वहां से इन डॉक्टरों को राहत नहीं मिल पाई है। डीएनबी ने इन डाक्टरों की मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में वापस भेजे जाने की मांग को नहीं माना है। अब डीएनबी बोर्ड ने असम, मेघालय समेत अन्य अन्य राज्यों में रिलोकेट होने का विकल्प दिया है। अब जिन पीजी चिकित्सकों को स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है, उन्हें बोर्ड ने दिल्ली बुला लिया है।
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में मेडिसिन, गायनी, सर्जरी, पेडिट्रिशियन में करीब 6-6 चिकित्सक स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टरेट कार्यक्रम के तहत एमडी कर रहे हैं। बता दें कि डीएनबी तीन साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है। चिकित्सा के क्षेत्र में स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टरेट की जाती है। इसमें एमडी और एमएस के समान डिग्रियां प्रदान की जाती हैं। इन्हें दो उप श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें ब्रॉड स्पेशलिटी में डीएनबी और सुपर स्पेशलिस्ट्स में डीएनबी शामिल हैं।
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि स्वास्थ्य निदेशक और सचिव को बता दिया गया है। छह डॉक्टरों ने बॉन्ड भरा है। हिमाचल में इस श्रेणी के डॉक्टर्स को बॉन्ड भरना पड़ता।
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डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में ही पढ़ाई जारी रखने की मांग रखी थी। इसको लेकर डॉक्टरों ने डीएनबी के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। मगर वहां से इन डॉक्टरों को राहत नहीं मिल पाई है। डीएनबी ने इन डाक्टरों की मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में वापस भेजे जाने की मांग को नहीं माना है। अब डीएनबी बोर्ड ने असम, मेघालय समेत अन्य अन्य राज्यों में रिलोकेट होने का विकल्प दिया है। अब जिन पीजी चिकित्सकों को स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है, उन्हें बोर्ड ने दिल्ली बुला लिया है।
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मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में मेडिसिन, गायनी, सर्जरी, पेडिट्रिशियन में करीब 6-6 चिकित्सक स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टरेट कार्यक्रम के तहत एमडी कर रहे हैं। बता दें कि डीएनबी तीन साल का पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स है। चिकित्सा के क्षेत्र में स्नातकोत्तर और पोस्ट डॉक्टरेट की जाती है। इसमें एमडी और एमएस के समान डिग्रियां प्रदान की जाती हैं। इन्हें दो उप श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिसमें ब्रॉड स्पेशलिटी में डीएनबी और सुपर स्पेशलिस्ट्स में डीएनबी शामिल हैं।
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डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि स्वास्थ्य निदेशक और सचिव को बता दिया गया है। छह डॉक्टरों ने बॉन्ड भरा है। हिमाचल में इस श्रेणी के डॉक्टर्स को बॉन्ड भरना पड़ता।