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मेडिकल कॉलेज में दो चिकित्सा अधीक्षक, डॉक्टरों की ड्यूटी पर बवाल
Updated Tue, 05 Jun 2018 11:20 PM IST
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सकों और सीएमओ कार्यालय का पुलिस थाना में पहुंचा मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि अब यहां एक और विवाद पैदा हो गया है। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। संस्थान में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर दो अधिकारी सेवाएं दे रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में चिकित्सा अधिकारी और कॉलेज प्रधानाचार्य दोनों ने जून माह के चिकित्सक ड्यूटी रोस्टर जारी कर दिए हैं। इन दोनों ड्यूटी रोस्टर में एक चिकित्सक की ड्यूटी एक दिन में ही अलग अलग-समय में दशाई गई है। इस कारण चिकित्सक असमंजस में हैं।
वहीं चिकित्सकों की ड्यूटी के बारे में साफ न होने से मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। कायदे से अस्पताल का चिकित्सा अधिकारी ही चिकित्सकों की ड्यूटियां लगाता है, लेकिन यहां प्रिंसिपल और एमएस दोनों ने चिकित्सकों की ड्यूटियां लगाई हैं। जिस चिकित्सक की एमएस ने दिन में ड्यूटी लगाई है प्रिंसिपल के रोस्टर में उस चिकित्सक की रात की ड्यूटी है। एमएस के रोस्टर में जिस दिन चिकित्सक की छुट्टी है, प्रिंसिपल के रोस्टर में उस दिन चिकित्सक की ड्यूटी है।
इस व्यवस्था के चलते अस्पताल के स्टाफ सदस्यों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर को मेडिकल कॉलेज का दर्जा तो दे दिया गया है लेकिन अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। समन्वय की कमी के कारण अस्पताल में दो ड्यूटी रोस्टर लग रहे हैं। इससे मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं पर सवाल उठते हैं। असमंजस में फंसे चिकित्सकों को भी साफ नहीं हो रहा है कि कौन से ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से सेवाएं दें। उधर, इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर की एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि प्रत्येक माह की ड्यूटी का रोस्टर माह के पहले दिन बनता है। प्रिंसिपल की तरफ से भी ड्यूटी रोस्टर जारी किया गया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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वहीं चिकित्सकों की ड्यूटी के बारे में साफ न होने से मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। कायदे से अस्पताल का चिकित्सा अधिकारी ही चिकित्सकों की ड्यूटियां लगाता है, लेकिन यहां प्रिंसिपल और एमएस दोनों ने चिकित्सकों की ड्यूटियां लगाई हैं। जिस चिकित्सक की एमएस ने दिन में ड्यूटी लगाई है प्रिंसिपल के रोस्टर में उस चिकित्सक की रात की ड्यूटी है। एमएस के रोस्टर में जिस दिन चिकित्सक की छुट्टी है, प्रिंसिपल के रोस्टर में उस दिन चिकित्सक की ड्यूटी है।
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इस व्यवस्था के चलते अस्पताल के स्टाफ सदस्यों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर को मेडिकल कॉलेज का दर्जा तो दे दिया गया है लेकिन अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमराई हुई है। समन्वय की कमी के कारण अस्पताल में दो ड्यूटी रोस्टर लग रहे हैं। इससे मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं पर सवाल उठते हैं। असमंजस में फंसे चिकित्सकों को भी साफ नहीं हो रहा है कि कौन से ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से सेवाएं दें। उधर, इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर की एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि प्रत्येक माह की ड्यूटी का रोस्टर माह के पहले दिन बनता है। प्रिंसिपल की तरफ से भी ड्यूटी रोस्टर जारी किया गया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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