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Hamirpur (Himachal) News: प्रतिबंध के दौरान मछली के अवैध शिकार पर काटे 25 चालान
Tue, 18 Aug 2026 05:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 18 Aug 2026 05:12 AM IST
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मत्स्य विभाग ने दो माह में वसूला 14 हजार रुपये का जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मछली प्रजनन काल के दौरान प्रतिबंध के बावजूद अवैध मत्स्य आखेट करने वालों पर मत्स्य विभाग ने कार्रवाई की। विभाग की टीमों ने जिले की विभिन्न खड्डों और नालों में निरीक्षण कर 25 चालान किए और 14 हजार रुपये जुर्माना वसूला।
मछलियों के प्रजनन को ध्यान में रखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध रहता है। इस दौरान कुछ लोग खड्डों और नालों में कांटा डालकर अवैध रूप से मछली पकड़ते हैं। इस दौरान विभाग ने टीमें गठित कर विभिन्न स्थानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई करीब दो किलोग्राम मछली की नीलामी भी की।
हमीरपुर जिले की विभिन्न खड्डों में 586 मछुआरे मत्स्य आखेट से अपनी आजीविका चलाते हैं। इनमें सीर खड्ड, चुनाव और कुणाह खड्ड प्रमुख हैं। रविवार से प्रतिबंध हटने के बाद मछुआरों और मछली विक्रेताओं की गतिविधियां फिर शुरू हो गई हैं। प्रतिबंध खुलने से जिला में मछुआरों के अलावा मछली विक्रेताओं का भी रोजगार शुरू हुआ है। जिले में स्टोरेज की सुविधा न होने से यह लोग अन्य व्यवसाय पर निर्भर रहते हैं। मत्स्य विभाग के एफओ कुलदीप अजय ने बताया कि मछली आखेट पर लगाया गया प्रतिबंध हट चुका है। इस वर्ष 70 से 100 मिलीमीटर आकार का मछली बीज डाला गया है। इससे जिले में मछली उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। मछली प्रजनन काल के दौरान प्रतिबंध के बावजूद अवैध मत्स्य आखेट करने वालों पर मत्स्य विभाग ने कार्रवाई की। विभाग की टीमों ने जिले की विभिन्न खड्डों और नालों में निरीक्षण कर 25 चालान किए और 14 हजार रुपये जुर्माना वसूला।
मछलियों के प्रजनन को ध्यान में रखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध रहता है। इस दौरान कुछ लोग खड्डों और नालों में कांटा डालकर अवैध रूप से मछली पकड़ते हैं। इस दौरान विभाग ने टीमें गठित कर विभिन्न स्थानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई करीब दो किलोग्राम मछली की नीलामी भी की।
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हमीरपुर जिले की विभिन्न खड्डों में 586 मछुआरे मत्स्य आखेट से अपनी आजीविका चलाते हैं। इनमें सीर खड्ड, चुनाव और कुणाह खड्ड प्रमुख हैं। रविवार से प्रतिबंध हटने के बाद मछुआरों और मछली विक्रेताओं की गतिविधियां फिर शुरू हो गई हैं। प्रतिबंध खुलने से जिला में मछुआरों के अलावा मछली विक्रेताओं का भी रोजगार शुरू हुआ है। जिले में स्टोरेज की सुविधा न होने से यह लोग अन्य व्यवसाय पर निर्भर रहते हैं। मत्स्य विभाग के एफओ कुलदीप अजय ने बताया कि मछली आखेट पर लगाया गया प्रतिबंध हट चुका है। इस वर्ष 70 से 100 मिलीमीटर आकार का मछली बीज डाला गया है। इससे जिले में मछली उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है।
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