{"_id":"5b2d2c9a4f1c1bc2378b54a7","slug":"21529687194-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिविल अस्पताल भोरंज में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिविल अस्पताल भोरंज में अल्ट्रासाउंड मशीन खराब
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोरंज(हमीरपुर)। सिविल अस्पताल भोरंज में पिछले एक माह से अल्ट्रासाउंड मशीन खराब पड़ी हुई है। अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को मजबूरन महंगे दामों पर निजी लैबों में अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल भोरंज में माह में सिर्फ दो दिन अल्ट्रासाउंड करवाने की सुविधा है। पिछले एक माह से लोगों का यह सुविधा नहीं मिल रही है। विभाग ने करीब 12 साल पहले अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित कर दी थी, लेकिन विभाग अभी तक अस्पताल में चिकित्सक का पद नहीं भर पाया है।
माह में दो दिन के लिए बाहर से चिकित्सक बुलाकर अल्ट्रासाउंड करवाए जाते हैं। यह मशीन काफी पुरानी है। हर दूसरे माह यह मशीन खराब हो जाती है। अल्ट्रासाउंड न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना लगभग 300 ओपीडी है। 33 पंचायतों के लोग यहां पर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते हैं। लोगों ने मांग की है कि इस पुरानी मशीन को बदला जाए और चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति की जाए। इस संबंध में सिविल अस्पताल भोरंज के बीएमओ डा. ललित कालिया ने कहा कि मशीन को बदलने के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुरानी मशीन होने की वजह से बार-बार खराब हो जाती है।
सिविल अस्पताल भोरंज में सीवीसी (पूर्ण रक्त गणना) टेस्ट मशीन लग गई है। इस मशीन के स्थापित होने से डेंगू, एबी, और रक्त में किसी तरह के संक्रमण की जांच हो जाएगी। इस संबंध में सिविल अस्पताल भोरंज के बीएमओ डॉ. ललित कालिया ने कहा कि इस टेस्ट के शुरू होने से लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
माह में दो दिन के लिए बाहर से चिकित्सक बुलाकर अल्ट्रासाउंड करवाए जाते हैं। यह मशीन काफी पुरानी है। हर दूसरे माह यह मशीन खराब हो जाती है। अल्ट्रासाउंड न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में रोजाना लगभग 300 ओपीडी है। 33 पंचायतों के लोग यहां पर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते हैं। लोगों ने मांग की है कि इस पुरानी मशीन को बदला जाए और चिकित्सक की स्थायी नियुक्ति की जाए। इस संबंध में सिविल अस्पताल भोरंज के बीएमओ डा. ललित कालिया ने कहा कि मशीन को बदलने के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुरानी मशीन होने की वजह से बार-बार खराब हो जाती है।
विज्ञापन
सिविल अस्पताल भोरंज में सीवीसी (पूर्ण रक्त गणना) टेस्ट मशीन लग गई है। इस मशीन के स्थापित होने से डेंगू, एबी, और रक्त में किसी तरह के संक्रमण की जांच हो जाएगी। इस संबंध में सिविल अस्पताल भोरंज के बीएमओ डॉ. ललित कालिया ने कहा कि इस टेस्ट के शुरू होने से लोगों को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
विज्ञापन