{"_id":"5ad7782e4f1c1b05418b5385","slug":"201524070446-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आचार संहिता के उल्लंघन मामले की सवा दो साल बाद जांच शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार संहिता के उल्लंघन मामले की सवा दो साल बाद जांच शुरू
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। नगर निकाय चुनाव के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन मामले की सवा दो साल बाद जांच शुरू हो गई है। नगर परिषद हमीरपुर के पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ प्रदेश शहरी विकास विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। विभाग ने अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर को जांच का जिम्मा सौंपा है। पूर्व अध्यक्ष पर आरोप है कि वह आचार संहिता के दौरान सरकारी वाहन में सवार होकर रिटर्निंग अधिकारी हमीरपुर के कार्यालय पहुंचे और चुनाव के लिए नामांकन भरा था। 30 सितंबर 2015 को इस मामले की शिकायत नगर परिषद के तत्कालीन पार्षद वेद प्रकाश भारद्वाज ने निर्वाचन अधिकारी हमीरपुर से की थी। अमर उजाला ने अपने 30 दिसंबर 2015 के अंक में आचार संहिता के उल्लंघन के मामले को प्रमुखता से उठाया था। सरकारी अधिकारियों ने करीब सवा दो साल तक इस मामले की फाइल को दबा कर रखा। जिस पर अब जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को अतिरिक्त उपायुक्त के पास इस मामले की पहली पेशी थी। जिस पर नगर परिषद के उपाध्यक्ष और शिकायकर्ता दोनों को तलब किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान कलमबद्ध किए। वहीं शिकायकर्ता ने निर्वाचन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर दो-दो साल तक किसी मामले की सुनवाई नहीं होगी तो लोगों को इंसाफ मिलना मुश्किल है। इस तरह के लचर व्यवस्था के कारण ही लोगों का विभिन्न विभागों के ऊपर से विश्वास उठता जा रहा है। उधर, एडीसी हमीरपुर रतन गौतम ने कहा कि शहरी विकास विभाग से मामले की जांच के आदेश मिले हैं, जिसके बाद मंगलवार को दोनों पक्षों को कार्यालय में बुलाया गया था। नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष पर आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप हैं। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन