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बमसन में अब बंक नहीं मार पाएंगे तकनीकी सहायक
Updated Wed, 19 Sep 2018 10:56 PM IST
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टौणी देवी (हमीरपुर)। विकास खंड बमसन एवं टौणी देवी में कार्यरत दर्जनों तकनीकी सहायकों पर नकेल कसने की तैयारी हो गई है। उनकी अब पंचायतों में नियमित हाजिरी लगेगी तथा बंक मारने वालों पर कार्रवाई होगी। पंचायतों में तकनीकी सहायकों की हाजिरी लगाने सेे विकास कार्यों में तेजी आएगी। बमसन खंड में विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर पंचायत प्रधानों की बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता विकास खंड अधिकारी यशपाल परमार ने की।
इसमें विकास कार्यों को लेकर मंथन किया गया। पंचायत प्रधानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि विकास कार्यों में तेजी लाना उनकी जिम्मेदारी है तथा इसमें अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पहले ही विकास कार्यों को लेकर सुस्त रवैया अपनाने वाली लगभग तीन पंचायतों को नोटिस भेजे गए हैं। अब जिस पंचायत में पांच लाख रुपये विकास कार्यों के पेडिंग पड़े होंगे, उन्हें नई राशि कार्यों के लिए रिलीज नहीं की जाएगी। हर माह लिखित में प्रधानों से विकास कार्यों की राशि को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। जिससे आगामी प्रगति रिपोर्ट प्रशासन और सरकार को भेजी जा सके। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। बीडीओ यशपाल परमार ने बताया कि पंचायत प्रधान विकास कार्यों में देरी के लिए तकनीकी सहायकों पर जिम्मेदारी डाल देते थे लेकिन, अब प्रधानों के साथ ही तकनीकी सहायकों की जिम्मेवारी तय कर दी गई है। जिन पंचायतों में तकनीकी सहायकों की ड्यूटी होगी, उस पंचायत में उनकी हाजिरी लगेगी। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। विकास की रफ्तार को विकास खंड की सभी 46 पंचायतों में तेज किया जाएगा। सरकार भी इसके लिए समय-समय पर निर्देश जारी कर रही है। ग्रामीण भारत को और विकसित करने का कार्य सभी को मिल कर करना होगा तथा हर पंचायत प्रतिनिधि, कर्मी और ग्रामीणों की सहभागिता अहम है। बैठक में पंचायत समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद के साथ ही कई पंचायतों के प्रधान और सचिव मौजूद रहे।
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इसमें विकास कार्यों को लेकर मंथन किया गया। पंचायत प्रधानों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि विकास कार्यों में तेजी लाना उनकी जिम्मेदारी है तथा इसमें अब कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पहले ही विकास कार्यों को लेकर सुस्त रवैया अपनाने वाली लगभग तीन पंचायतों को नोटिस भेजे गए हैं। अब जिस पंचायत में पांच लाख रुपये विकास कार्यों के पेडिंग पड़े होंगे, उन्हें नई राशि कार्यों के लिए रिलीज नहीं की जाएगी। हर माह लिखित में प्रधानों से विकास कार्यों की राशि को लेकर रिपोर्ट ली जाएगी। जिससे आगामी प्रगति रिपोर्ट प्रशासन और सरकार को भेजी जा सके। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। बीडीओ यशपाल परमार ने बताया कि पंचायत प्रधान विकास कार्यों में देरी के लिए तकनीकी सहायकों पर जिम्मेदारी डाल देते थे लेकिन, अब प्रधानों के साथ ही तकनीकी सहायकों की जिम्मेवारी तय कर दी गई है। जिन पंचायतों में तकनीकी सहायकों की ड्यूटी होगी, उस पंचायत में उनकी हाजिरी लगेगी। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में तेजी और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। विकास की रफ्तार को विकास खंड की सभी 46 पंचायतों में तेज किया जाएगा। सरकार भी इसके लिए समय-समय पर निर्देश जारी कर रही है। ग्रामीण भारत को और विकसित करने का कार्य सभी को मिल कर करना होगा तथा हर पंचायत प्रतिनिधि, कर्मी और ग्रामीणों की सहभागिता अहम है। बैठक में पंचायत समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद के साथ ही कई पंचायतों के प्रधान और सचिव मौजूद रहे।
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