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बेरोजगार स्नातकों ने प्रदेश सरकार से बैचवाइज भर्तियां करवाने की उठाई मांग
Updated Fri, 23 Mar 2018 11:14 PM IST
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डिडवीं टिक्कर(हमीरपुर)। क्षेत्र के बेराजगार स्नातकों ने प्रदेश सरकार से मेडिकल की तरह टीजीटी आर्ट्स और टीजीटी नॉन मेडिकल की बैचवाइज भर्तियां करने की मांग की है। बेरोजगारों का कहना है कि उनके साथ हो रहे मजाक से वह प्रदेश सरकार से काफी खफा हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2015 में हिमाचल सरकार को बराबर अवसर के आधार पर नौकरी देने को कहा था लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। बेराजगार कांता देवी, अनिल कुमार, वीरेंद्र सिंह, जीवन लाल, राजेश कुमार, सुनील कुमार, वनिता देवी, निशा रानी, अनिता देवी, विजय कुमार, नरेश कुमार, दीपक, मनीषा, और कमलेश आदि कहा कि सरकार द्वारा चोर दरवाजे से की गई नियुक्तियों को अब अनुबंध में लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पंकज कुमार की याचिका को मंजूर करके बेराजगारों के साथ धोखा किया है।
बेरोजगार स्नातकों ने सरकार से मांग की है कि पूर्व सैनिक कोटे से अध्यापकों के 261 पद भरे जा रह हैं। जिसमें मेडिकल के बैकलॉग कोटे से 40 पद भरे जाएंगे। शेष 132 पदों को सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों से भरा जाएगा। मेडिकल की तरह टीजीटी आर्ट्स और टीजीटी नॉन मेडिकल की बैचवाइज आधार पर सामान्य श्रेणियों से पद भरे जाएं। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पहले भी बैचवाइज भर्तियां हो चुकी हैं। सरकार द्वारा यदि आर्ट्स और नॉन मेडिकल की खुली भर्ती नहीं की गई तो बेरोजगारों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
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बेरोजगार स्नातकों ने सरकार से मांग की है कि पूर्व सैनिक कोटे से अध्यापकों के 261 पद भरे जा रह हैं। जिसमें मेडिकल के बैकलॉग कोटे से 40 पद भरे जाएंगे। शेष 132 पदों को सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी श्रेणियों से भरा जाएगा। मेडिकल की तरह टीजीटी आर्ट्स और टीजीटी नॉन मेडिकल की बैचवाइज आधार पर सामान्य श्रेणियों से पद भरे जाएं। उन्होंने कहा कि मेडिकल की पहले भी बैचवाइज भर्तियां हो चुकी हैं। सरकार द्वारा यदि आर्ट्स और नॉन मेडिकल की खुली भर्ती नहीं की गई तो बेरोजगारों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
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