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Hamirpur (Himachal) News: पौणाहारी के दरबार 15 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
Mon, 06 Oct 2025 12:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:59 AM IST
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में परिवार सदस्यों के साथ आर्शीवाद लेने पहुंचे नव विवाहित दंपति।
दियोटसिद्ध(हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में रविवार को 15 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर में माथा टेकने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगना शुरू हो गई और यह क्रम देर रात तक जारी रहा।
मंदिर में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर न्यास ने पुख्ता इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में लंगर सुविधा भी प्रदान की गई। माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं ने घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। दिनभर मंदिर में बाबा बालक नाथ के जयकारे गूंजते रहे।
पूर्व में शरद नवरात्र और अब शादियों के सीजन के चलते नवविवाहित दंपत्ति परिवार सदस्यों के साथ मंदिर में पौणाहारी का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि विवाह के उपरांत बाबा बालक नाथ का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन को आते हैं, जिससे आने वाला जीवन सुख में रहता है।
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दिनभर मंदिर परिसर में बाबा बालक नाथ के जयकारे गूंजते रहे। मंदिर के बैरियर नंबर दो से केवल पास होने पर ही गाड़ियों को मंदिर परिसर तक जाने की अनुमति दी गई। बिना अनुमति पत्र के गाड़ियों को गेट नंबर एक पर बनी पार्किंग में खड़ा किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गेट नंबर एक से लेकर पांच नंबर गेट तक पुलिस के जवान व होमगार्ड तैनात किए रहे।
कोट
मंदिर में 15 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए। मंदिर में श्रद्धालुओं को हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखें और श्रद्धालुओं से सौहादपूर्ण रवैया अपनाएं।
-राजेंद्र गौतम, न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम, बड़सर
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मंदिर में हिमाचल, पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर न्यास ने पुख्ता इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में लंगर सुविधा भी प्रदान की गई। माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं ने घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया। दिनभर मंदिर में बाबा बालक नाथ के जयकारे गूंजते रहे।
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पूर्व में शरद नवरात्र और अब शादियों के सीजन के चलते नवविवाहित दंपत्ति परिवार सदस्यों के साथ मंदिर में पौणाहारी का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि विवाह के उपरांत बाबा बालक नाथ का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन को आते हैं, जिससे आने वाला जीवन सुख में रहता है।
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दिनभर मंदिर परिसर में बाबा बालक नाथ के जयकारे गूंजते रहे। मंदिर के बैरियर नंबर दो से केवल पास होने पर ही गाड़ियों को मंदिर परिसर तक जाने की अनुमति दी गई। बिना अनुमति पत्र के गाड़ियों को गेट नंबर एक पर बनी पार्किंग में खड़ा किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गेट नंबर एक से लेकर पांच नंबर गेट तक पुलिस के जवान व होमगार्ड तैनात किए रहे।
कोट
मंदिर में 15 हजार श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए। मंदिर में श्रद्धालुओं को हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है। सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखें और श्रद्धालुओं से सौहादपूर्ण रवैया अपनाएं।
-राजेंद्र गौतम, न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम, बड़सर