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त्रासदी पर सियासत करके सरकार ने पीड़ितों को और जख्म दिए : अभिषेक
Updated Wed, 11 Apr 2018 09:56 PM IST
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सियासत कर पीड़ितों को और दिए जख्म : अभिषेक
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव एवं प्रवक्ता अभिषेक राणा ने नूरपुर बस हादसे में जान गवाने वाले मासूमों के शव मुख्यमंत्री के इंतजार में घंटों तक अभिभावकों को न सौंपने को घोर असंवेदनशीलता और अमानवीयता करार दिया है। उन्होंने कहा कि पहले सौंपे जा चुके शव भी वापस मंगवाए गए, जो दुखद है। श्रद्धांजलि के बहाने मासूमों की लाशों पर जिस तरह सियासत की गई, उससे प्रदेशवासी दंग रह गए हैं। अभिषेक राणा ने कहा कि जिन अभिभावकों ने इस हादसे में अपने जिगर के टुकड़े खोए, उनके जख्मों पर मरहम लगाने की बजाय सरकार और प्रशासन ने उनके जख्मों पर नमक छिड़कने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सरकार की असंवेदनशीलता और लाशों पर की गई सियासत की जो तस्वीरें वायरल हुई हैं, उससे इंसानियत शर्मसार हो उठी है। अभिषेक राणा ने कहा कि खुद को जनता का हितैषी बताने वाले प्रशासन और सरकार का असली चेहरा भी इस घटनाक्रम में सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह असंवेदनशीलता दहला देने वाली है।
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के सचिव एवं प्रवक्ता अभिषेक राणा ने नूरपुर बस हादसे में जान गवाने वाले मासूमों के शव मुख्यमंत्री के इंतजार में घंटों तक अभिभावकों को न सौंपने को घोर असंवेदनशीलता और अमानवीयता करार दिया है। उन्होंने कहा कि पहले सौंपे जा चुके शव भी वापस मंगवाए गए, जो दुखद है। श्रद्धांजलि के बहाने मासूमों की लाशों पर जिस तरह सियासत की गई, उससे प्रदेशवासी दंग रह गए हैं। अभिषेक राणा ने कहा कि जिन अभिभावकों ने इस हादसे में अपने जिगर के टुकड़े खोए, उनके जख्मों पर मरहम लगाने की बजाय सरकार और प्रशासन ने उनके जख्मों पर नमक छिड़कने में कोई कसर बाकी नहीं रखी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सरकार की असंवेदनशीलता और लाशों पर की गई सियासत की जो तस्वीरें वायरल हुई हैं, उससे इंसानियत शर्मसार हो उठी है। अभिषेक राणा ने कहा कि खुद को जनता का हितैषी बताने वाले प्रशासन और सरकार का असली चेहरा भी इस घटनाक्रम में सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह असंवेदनशीलता दहला देने वाली है।