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पावर हाउस में टेंडर प्रक्रिया की हो जांच: यूनियन
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नादौन (हमीरपुर)। प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन ने बिजली बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक से बोर्ड के गज पावर हाउस में चलाई जा रही टेंडर प्रक्रिया की शीघ्र जांच करवाने की मांग की है। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा है कि मात्र एक माह के अंतराल में गज पावर हाउस में लगभग 15 टेंडर अवार्ड किए गए हैं। बिजली बोर्ड के पावर हाउस के अंदर मशीन की केबल बदलने के लिए 3,41,136 रुपये का टेंडर 29 दिसंबर 2018 को अवार्ड किया गया था। टेंडर की शर्तों के मुताबिक यह काम 30 दिन के अंदर करना था, लेकिन ठेकेदार द्वारा 16 मार्च को मशीन नंबर-2 को केबल बदलने के लिए खोला गया था और अभी तक मशीन की लाइनमेंट न हो पाने की वजह से यह चालू नहीं हो पाई है। इससे बोर्ड का बिजली उत्पादन में प्रतिदिन भारी नुकसान हो रहा है।
गज पावर हाउस के अधिकारी अपनी रिपोर्ट में मशीन बंद होने का कारण पानी कम होना लिख रहे हैं जबकि, पावर हाउस के स्टाफ के मुताबिक तीनों मशीनों को चलाने लायक पानी उपलब्ध है। खरवाड़ा ने कहा कि पावर हाउस के स्टाफ के अनुसार इस केबल को बदलने की जरूरत ही नहीं थी क्योंकि मशीन ठीक चल रही थी। इससे पहले भी बोर्ड के कर्मचारियों ने ही इस मशीन की केबल को बदला है। पावर हाउस की आवासीय कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव करने का टेंडर भी मेरठ की एक फर्म को 3,42,294 रुपये में कर दिया गया है जबकि, यह कार्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी कर सकते हैं और पहले भी करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह और भी कई टेंडर किए गए हैं जिनकी जांच करने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बोर्ड का प्रबंधक वर्ग उचित कदम नहीं उठाता है तो यूनियन संघर्ष का रास्ता अपनाएगी।
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गज पावर हाउस के अधिकारी अपनी रिपोर्ट में मशीन बंद होने का कारण पानी कम होना लिख रहे हैं जबकि, पावर हाउस के स्टाफ के मुताबिक तीनों मशीनों को चलाने लायक पानी उपलब्ध है। खरवाड़ा ने कहा कि पावर हाउस के स्टाफ के अनुसार इस केबल को बदलने की जरूरत ही नहीं थी क्योंकि मशीन ठीक चल रही थी। इससे पहले भी बोर्ड के कर्मचारियों ने ही इस मशीन की केबल को बदला है। पावर हाउस की आवासीय कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव करने का टेंडर भी मेरठ की एक फर्म को 3,42,294 रुपये में कर दिया गया है जबकि, यह कार्य बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी कर सकते हैं और पहले भी करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह और भी कई टेंडर किए गए हैं जिनकी जांच करने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बोर्ड का प्रबंधक वर्ग उचित कदम नहीं उठाता है तो यूनियन संघर्ष का रास्ता अपनाएगी।
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