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पशुपालन विभाग में सहायक को नहीं मिला फार्मासिस्ट का पद
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:58 PM IST
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हमीरपुर। पशुपालन विभाग में 20 सालों से सेवारत वेटरनेरी सहायक ने पदोन्नति प्रक्रिया में विभाग की ओर से भेदभाव करने का आरोप लगाया है। सहायक सुखदेव सिंह पुत्र प्रभात चंद ने कहा कि मार्च 1999 में उन्होंने पशुपालन विभाग में बतौर दैनिक वेतनभोगी ज्वाइन किया था।
नवंबर 2008 में उन्हें सरकार ने नियमित किया। वर्ष 2011 में उन्होंने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की। स्कूल शिक्षा बोर्ड से प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद उन्होंने फरवरी 2012 में विभाग में प्रमाण पत्र की कॉपी उपलब्ध करवाई। विभाग के नियमों के मुताबिक उच्च शिक्षा प्राप्त कर्मचारी को पदोन्नत किए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत उन्होंने कई बार विभाग में वेटरनेरी फार्मासिस्ट के पद पर पदोन्नत करने के लिए आवेदन किया। लेकिन, उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया। जिसके बाद उन्होंने प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में अर्जी दी। न्यायाधीश वीके शर्मा ने नवंबर 2017 में उनके पक्ष में आदेश देते हुए विभाग को एक हफ्ते में उचित निर्णय लेने और उन्हें फार्मासिस्ट का प्रशिक्षण के लिए भेजने के आदेश पारित किए थे। सुखदेव सिंह ने कहा कि विभाग ने उनसे कनिष्ठ वेटरनेरी सहायकों को फार्मासिस्ट के पद पर पदोन्नत कर दिया लेकिन, उन्हें अभी तक ट्रेनिंग पर नहीं भेजा गया। उन्होंने प्रदेश सरकार और विभाग के निदेशक से शीघ्र न्याय प्रदान करने की गुहार लगाई है। उधर, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि मामला ध्यान में है। सुखदेव सिंह का वरिष्ठता सूची में अभी तक 300वां स्थान है, जिसके चलते उन्हें पदोन्नत नहीं किया जा सकता।
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नवंबर 2008 में उन्हें सरकार ने नियमित किया। वर्ष 2011 में उन्होंने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की। स्कूल शिक्षा बोर्ड से प्रमाण पत्र प्राप्त होने के बाद उन्होंने फरवरी 2012 में विभाग में प्रमाण पत्र की कॉपी उपलब्ध करवाई। विभाग के नियमों के मुताबिक उच्च शिक्षा प्राप्त कर्मचारी को पदोन्नत किए जाने का प्रावधान है। जिसके तहत उन्होंने कई बार विभाग में वेटरनेरी फार्मासिस्ट के पद पर पदोन्नत करने के लिए आवेदन किया। लेकिन, उनकी मांग को पूरा नहीं किया गया। जिसके बाद उन्होंने प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में अर्जी दी। न्यायाधीश वीके शर्मा ने नवंबर 2017 में उनके पक्ष में आदेश देते हुए विभाग को एक हफ्ते में उचित निर्णय लेने और उन्हें फार्मासिस्ट का प्रशिक्षण के लिए भेजने के आदेश पारित किए थे। सुखदेव सिंह ने कहा कि विभाग ने उनसे कनिष्ठ वेटरनेरी सहायकों को फार्मासिस्ट के पद पर पदोन्नत कर दिया लेकिन, उन्हें अभी तक ट्रेनिंग पर नहीं भेजा गया। उन्होंने प्रदेश सरकार और विभाग के निदेशक से शीघ्र न्याय प्रदान करने की गुहार लगाई है। उधर, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि मामला ध्यान में है। सुखदेव सिंह का वरिष्ठता सूची में अभी तक 300वां स्थान है, जिसके चलते उन्हें पदोन्नत नहीं किया जा सकता।
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