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बारूद के ढेर पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
Updated Wed, 14 Nov 2018 10:43 PM IST
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हमीरपुर। डॉ. राधा कृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में लगे अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो गए हैं। कॉलेज एवं अस्पताल प्रबंधन ने इन यंत्रों की री-फिलिंग नहीं करवाई है। ऐसे में अगर को आग की घटना पेश आती है तो यह अग्निशमन यंत्र किसी काम के नहीं हैं। यंत्रों के एक्सपायर होने के बाद इनका प्रेशर कम हो जाता है और अग्निकांड के समय इनका प्रयोग सही से नहीं हो पाता है। ऐसे में यह यंत्र किसी काम के नहीं रह जाते हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोजाना आठ सौ से एक हजार मरीज और तीमारदार दवाई और उपचार को आते हैं। वहीं, अस्पताल में एक समय में करीब पांच सौ मरीज दाखिल भी रहते हैं। इसके अलावा अस्पताल में करीब तीन सौ स्टाफ सदस्य हैं।
ऐसे में यदि कोई आग की घटना होती है तो सैकड़ों जिंदगियां दांव पर लग सकती हैं। किसी भी संस्थान में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है लेकिन, अस्पताल में यह अग्निशमन यंत्र महज दिखाने के लिए ही बचे हैं। बीते नौ नवंबर को इनकी तिथि एक्सपायर हो गई है और छह दिन बाद तक भी उनकी री-फिलिंग नहीं करवाई गई है। वहीं, अस्पताल में आए रोगियों और तीमारदारों में अरुण कुमार, सुनील कुमार, तारो देवी, प्रोमिला, संजय आदि ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए इन यंत्रों की री-फिलिंग करवाने की मांग की है। इस संबंध में स्टेशन फायर ऑफिसर राजेंद्र चौधरी का कहना है कि यदि अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो जाते हैं तो उनका प्रेशर कम हो जाता है और वह काम करना छोड़ देते हैं। इन यंत्रों की री-फिलिंग हर साल निर्धारित तिथि तक करवानी अनिवार्य होती है। वहीं, एमएस डा. अनिल वर्मा का कहना है कि इन यंत्रों की री-फिलिंग के लिए बोला गया है। जल्द ही यंत्रों की री-फिलिंग करवा दी जाएगी।
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ऐसे में यदि कोई आग की घटना होती है तो सैकड़ों जिंदगियां दांव पर लग सकती हैं। किसी भी संस्थान में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है लेकिन, अस्पताल में यह अग्निशमन यंत्र महज दिखाने के लिए ही बचे हैं। बीते नौ नवंबर को इनकी तिथि एक्सपायर हो गई है और छह दिन बाद तक भी उनकी री-फिलिंग नहीं करवाई गई है। वहीं, अस्पताल में आए रोगियों और तीमारदारों में अरुण कुमार, सुनील कुमार, तारो देवी, प्रोमिला, संजय आदि ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए इन यंत्रों की री-फिलिंग करवाने की मांग की है। इस संबंध में स्टेशन फायर ऑफिसर राजेंद्र चौधरी का कहना है कि यदि अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो जाते हैं तो उनका प्रेशर कम हो जाता है और वह काम करना छोड़ देते हैं। इन यंत्रों की री-फिलिंग हर साल निर्धारित तिथि तक करवानी अनिवार्य होती है। वहीं, एमएस डा. अनिल वर्मा का कहना है कि इन यंत्रों की री-फिलिंग के लिए बोला गया है। जल्द ही यंत्रों की री-फिलिंग करवा दी जाएगी।
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