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4000 प्रशिक्षु इंजीनियरों को नहीं मिल रहा पेयजल
Updated Tue, 21 Aug 2018 10:51 PM IST
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हमीरपुर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) में बीते एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति बाधित पड़ी है। जिसके चलते संस्थान में पेयजल को लेकर मारामारी का माहौल है। इस राष्ट्रीय संस्थान में बीते 13 अगस्त से पेयजल आपूर्ति बंद पड़ी हुई है। जून माह में राजधानी शिमला में पड़े सूखे जैसे हालात अब एनआईटी हमीरपुर में भी हो गए हैं। एनआईटी के लिए सुजानपुर की ब्यास नदी से पेयजल आपूर्ति होती है। लेकिन, पिछले दिनों भारी बरसात में पेयजल पाइपें क्षतिग्रस्त होने से पानी की आपूर्ति बिल्कुल बंद पड़ी है। पेयजल के लिए संस्थान के प्रशिक्षु इंजीनियर बाजार से मिनरल वाटर की बोतलें खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं नहाने और कपड़े धोने के लिए भी पानी नहीं है। जिसके चलते बरसात के मौसम में संस्थान के छात्र काफी परेशान हैं।
अपने बच्चों की समस्या को लेकर अभिभावक भी दुखी हैं। एनआईटी हमीरपुर में नया सत्र भी शुरू हो चुका है। देश के कोने-कोने से यहां करीब चार हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा हासिल कर रहे हैं। संस्थान में बीटेक, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक एंड इलेक्ट्रिकल समेत एमबीए और स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स में पढ़ाई हो रही है। स्नातक और स्नातकोत्तर में करीब चार हजार विद्यार्थी संस्थान में हैं। हालांकि, आईपीएच विभाग ने एनआईटी के लिए चौकी छबोट से वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था कर दी है। लेकिन, पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं एनआईटी प्रबंधन का कहना है कि संस्थान की पेयजल स्कीम आईपीएच विभाग के अधीन है। इस बारे में आईपीएच विभाग के अधिकारियों से बात हो चुकी है, लेकिन अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। वहीं अभिभावकों ने एनआईटी प्रबंधन से गुहार लगाई है कि जब तक पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो जाती टैंकों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पानी मुहैया करवाया जाए।
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टैंकरों से पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था होगी : रजिस्ट्रार
एनआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार प्रो. सुशील चौहान का कहना है कि 13 अगस्त को भारी बरसात में पेयजल स्कीम क्षतिग्रस्त हो चुकी है। आईपीएच विभाग को पेयजल आपूर्ति नियमित करने के लिए कहा गया है। वहीं शीघ्र ही टैंकरों से पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी।
वैकल्पिक व्यवस्था की गई : आईपीएच
आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता एएस चड्ढा का कहना है कि भारी बरसात के चलते एनआईटी की पेयजल स्कीम को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि संस्थान के लिए वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की गई है।
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अपने बच्चों की समस्या को लेकर अभिभावक भी दुखी हैं। एनआईटी हमीरपुर में नया सत्र भी शुरू हो चुका है। देश के कोने-कोने से यहां करीब चार हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा हासिल कर रहे हैं। संस्थान में बीटेक, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक एंड इलेक्ट्रिकल समेत एमबीए और स्नातकोत्तर डिग्री कोर्स में पढ़ाई हो रही है। स्नातक और स्नातकोत्तर में करीब चार हजार विद्यार्थी संस्थान में हैं। हालांकि, आईपीएच विभाग ने एनआईटी के लिए चौकी छबोट से वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था कर दी है। लेकिन, पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं एनआईटी प्रबंधन का कहना है कि संस्थान की पेयजल स्कीम आईपीएच विभाग के अधीन है। इस बारे में आईपीएच विभाग के अधिकारियों से बात हो चुकी है, लेकिन अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। वहीं अभिभावकों ने एनआईटी प्रबंधन से गुहार लगाई है कि जब तक पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो जाती टैंकों के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पानी मुहैया करवाया जाए।
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टैंकरों से पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था होगी : रजिस्ट्रार
एनआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार प्रो. सुशील चौहान का कहना है कि 13 अगस्त को भारी बरसात में पेयजल स्कीम क्षतिग्रस्त हो चुकी है। आईपीएच विभाग को पेयजल आपूर्ति नियमित करने के लिए कहा गया है। वहीं शीघ्र ही टैंकरों से पेयजल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जाएगी।
वैकल्पिक व्यवस्था की गई : आईपीएच
आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता एएस चड्ढा का कहना है कि भारी बरसात के चलते एनआईटी की पेयजल स्कीम को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि संस्थान के लिए वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था की गई है।