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बैठक की समय पर सूचना न देने पर भड़के गैर सरकारी सदस्य
Updated Mon, 04 Dec 2017 10:05 PM IST
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हमीरपुर। जिला सतर्कता कमेटी की बैठक से पहले ही इस बैठक में पत्राचार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। गैर सरकारी सदस्यों ने प्रशासन पर समय पर सूचना न देने के आरोप लगाते हुए इस बैठक के बहिष्कार की चेतावनी दी है। मंगलवार को मिनी सचिवालय में उपायुक्त हमीरपुर संदीप कदम की अध्यक्षता में समिति की बैठक प्रस्तावित है। खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निगरानी समिति की त्रैमासिक बैठक में जिला भर के ब्लॉकों में खाद्य आपूर्ति से जुड़े मामलों पर चर्चा की जाती है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्यों की दुकानों पर सप्लाई किए जाने वाले राशन की समयावधि और खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता समेत जिला भर के ढाबों, दुकानों, सब्जियों की दुकानों पर रेटलिस्ट आदि व पेट्रोल पंपों के निरीक्षण आदि पर भी बैठक में चर्चा होती है। इस समिति के अध्यक्ष जिलाधीश होते हैं, जबकि मेंबर सेक्रेटरी जिला खाद्य नियंत्रक होते हैं। इसके अलावा जिला परिषद के अध्यक्ष समेत अन्य एक दर्जन सदस्य होते हैं। समिति हर तीन माह के बाद जिला में होने वाली प्रगति कार्यों की समीक्षा करती है।
उधर, जिला परिषद के चेयरमैन राकेश ठाकुर ने कहा कि मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक है। लेकिन इस बैठक की सूचना उन्हें दूरभाष पर सोमवार को दोपहर बाद दी गई। जबकि किसी भी बैठक की सूचना नियमानुसार सात दिन पहले देनी होती है। वह जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं और जनता की समस्याओं को बैठक में उठाया जाना अति आवश्यक है। राकेश ठाकुर ने कहा कि वह इस बैठक का बहिष्कार करते हैं और उपायुक्त हमीरपुर से मांग करते हैं कि इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। वहीं एक जिला अधिकारी ने कहा कि देरी से सूचना देने वाले मामले की जांच की जाएगी।
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्यों की दुकानों पर सप्लाई किए जाने वाले राशन की समयावधि और खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता समेत जिला भर के ढाबों, दुकानों, सब्जियों की दुकानों पर रेटलिस्ट आदि व पेट्रोल पंपों के निरीक्षण आदि पर भी बैठक में चर्चा होती है। इस समिति के अध्यक्ष जिलाधीश होते हैं, जबकि मेंबर सेक्रेटरी जिला खाद्य नियंत्रक होते हैं। इसके अलावा जिला परिषद के अध्यक्ष समेत अन्य एक दर्जन सदस्य होते हैं। समिति हर तीन माह के बाद जिला में होने वाली प्रगति कार्यों की समीक्षा करती है।
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उधर, जिला परिषद के चेयरमैन राकेश ठाकुर ने कहा कि मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक है। लेकिन इस बैठक की सूचना उन्हें दूरभाष पर सोमवार को दोपहर बाद दी गई। जबकि किसी भी बैठक की सूचना नियमानुसार सात दिन पहले देनी होती है। वह जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं और जनता की समस्याओं को बैठक में उठाया जाना अति आवश्यक है। राकेश ठाकुर ने कहा कि वह इस बैठक का बहिष्कार करते हैं और उपायुक्त हमीरपुर से मांग करते हैं कि इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाए। वहीं एक जिला अधिकारी ने कहा कि देरी से सूचना देने वाले मामले की जांच की जाएगी।
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