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बस अड्डे में बनीं 120 दुकानें सालों से फांक रहीं धूल
ब्यूरो, अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:01 AM IST
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बस अड्डा हमीरपुर में बनी 120 दुकानें करीब आठ साल से धूल फांक रही हैं। तीन मंजिला भवन में दुकानों का निर्माण खोखा धारकों के लिए किया गया था। हालांकि खोखाधारक अब इन दुकानों के आकार और बहुमंजिला भवन में दुकानें न लेने को अड़े हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये की संपत्ति लावारिस पड़ी है जो अरसे से गंदगी का अड्डा बन कर रह गई हैं।
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बस अड्डे के साथ खेल स्टेडियम परिसर में करीब चार करोड़ की लागत से 120 दुकानों का निर्माण किया गया था। इनमें से करीब 90 दुकानों को आवंटित किया जा चुका है, जबकि 120 दुकानों का आवंटन आठ सालों में नहीं हो पाया है।
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अधिकतर दुकानों के ताले टूटे पड़े हैं और शट्टर खुले हैं। खुली दुकानें गंदगी से अटी पड़ी हैं। इन दुकानों का निर्माण अड्डा परिसर के सामने पांच दर्जन खोखाधारकों के लिए किया गया था, लेकिन खोखाधारक ग्राउंड फ्लोर में एक कतार में ही दुकानें लेने पर अड़े हैं।
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वहीं प्रशासन ने करोड़ों खर्च कर तीन मंजिला भवन में दुकानों का निर्माण कर दिया है। खोखाधारक दुकानों के आकार को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। खोखाधारकों का आरोप है कि उनके खोखों की अपेक्षा दुकानों का आकार काफी छोटा है।
नप उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज का कहना है कि 90 दुकानों का आवंटन हो चुका है, जबकि 120 दुकानों का आवंटन शेष है। आठ साल पहले दुकानें बनाई थीं। मामला प्रशासन के विचाराधीन है।