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भूतपूर्व सैनिकों के फैसले को पूरी तरह लागू न करने पर भड़का संघ
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश मुख्याध्यापक-प्रधानाचार्य अधिकारी संघ ने सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व सैनिकों की दोबारा नियुक्ति पर सेना की सेवा को वरिष्ठता में न जोड़ने के 25 अगस्त 2017 के फैसले को पूरी तरह लागू न करने पर रोष जताया है। संघ के प्रदेेशाध्यक्ष विजय गौतम, कार्यकारी अध्यक्ष अजय शर्मा, महासचिव ध्रुव पटियाल और वित्त सचिव सत्य प्रकाश ने कहा कि यह हिमाचल के सवा लाख कर्मचारियों के साथ अन्याय है। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पूर्व सैनिकों को सिविल सेवा में सेना की सेवा को जोड़ने के हिमाचल सरकार के प्रचलन को असंवैधानिक करार देने के बाद इसे वर्ष 2008 की बजाय 1987 से लागू किया जाना चाहिए।
वर्तमान में 35 वर्ष की सेवा करने वाले प्रधानाचार्य 15 वर्ष के सेवाकाल वाले पूर्व सैनिकों के अधीन कार्य कर रहे हैं, जो सिविल सेवा के नियमों का उल्लंघन है। संघ का कहना है कि वरिष्ठता सूची दोबारा निर्धारित न करने के कारण केवल शिक्षा विभाग में ही सैकड़ों अध्यापक, मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य अपनी पदोन्नति से वंचित रह गए है और सैकड़ों बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त होने वाले हैं। प्रदेशाध्यक्ष सहित डा. रत्न वर्मा, सुरेंद्र परमार, मोहिंद्र सिंह, विजय परमार, चंबास के प्रधान राजेश शर्मा, हमीरपुर के प्रधान रजनीश रांगड़ा, कांगड़ा के प्रधान राजेंद्र जरयाल, मंडी के प्रधान राजेश गुप्ता, कुल्लू के प्रधान पैना राम, शिमला के प्रधान सुरेंद्र चौहान, सिरमौर के प्रधान रत्न चौहान, सोलन के प्रधान मदन रणौत, ऊना के प्रधान रूप चंद ने मांग की है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में कैबिनेट के निर्णय को हकीकत में लागू करें ताकि, बिना पदोन्नति रिटायर हो रहे शिक्षकों को पदोन्नति लाभ मिल सकें।
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वर्तमान में 35 वर्ष की सेवा करने वाले प्रधानाचार्य 15 वर्ष के सेवाकाल वाले पूर्व सैनिकों के अधीन कार्य कर रहे हैं, जो सिविल सेवा के नियमों का उल्लंघन है। संघ का कहना है कि वरिष्ठता सूची दोबारा निर्धारित न करने के कारण केवल शिक्षा विभाग में ही सैकड़ों अध्यापक, मुख्याध्यापक और प्रधानाचार्य अपनी पदोन्नति से वंचित रह गए है और सैकड़ों बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त होने वाले हैं। प्रदेशाध्यक्ष सहित डा. रत्न वर्मा, सुरेंद्र परमार, मोहिंद्र सिंह, विजय परमार, चंबास के प्रधान राजेश शर्मा, हमीरपुर के प्रधान रजनीश रांगड़ा, कांगड़ा के प्रधान राजेंद्र जरयाल, मंडी के प्रधान राजेश गुप्ता, कुल्लू के प्रधान पैना राम, शिमला के प्रधान सुरेंद्र चौहान, सिरमौर के प्रधान रत्न चौहान, सोलन के प्रधान मदन रणौत, ऊना के प्रधान रूप चंद ने मांग की है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज शिक्षा विभाग और अन्य विभागों में कैबिनेट के निर्णय को हकीकत में लागू करें ताकि, बिना पदोन्नति रिटायर हो रहे शिक्षकों को पदोन्नति लाभ मिल सकें।
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