{"_id":"5a0af6144f1c1bca678bb625","slug":"11510667796-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट की कमी ने रोके मनरेगा के पचास फीसदी से ज्यादा कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट की कमी ने रोके मनरेगा के पचास फीसदी से ज्यादा कार्य
Updated Tue, 14 Nov 2017 11:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। प्रदेशभर में मनरेगा के पचास फीसदी से ज्यादा कार्य मैटीरियल के लिए बजट न होने के कारण ठप पड़ गए हैं। सूबे में इस बार 8427 मस्टररोल जारी किए गए हैं। जिनमें से पचास फीसदी से भी कम मस्टररोल पर ही कार्य चला हुआ है। शेष मस्टररोल में बजट के अभाव में निर्माण कार्य रुके पड़े हैं। केंद्र सरकार से मैटीरियल बजट न मिलने के कारण निर्माण कार्य रुक गए हैं। जिन पंचायतों के पास पहले से निर्माण सामग्री मौजूद है, केवल उन्हीं पंचायतों में निर्माण कार्य चले हुए हैं। इसके अलावा जिन कामों पर मैटीरियल की जरूरत न होकर केवल श्रमिकों की जरूरत है, ऐसे कार्य चले हुए हैं। केंद्र सरकार से डेढ़ माह पहले मैटीरियल के लिए बजट आया था। उसके बाद मनरेगा कार्यों के लिए बजट जारी नहीं हो पाया है। वहीं मनरेगा कार्यों के लिए प्रदेश करोड़ों रुपये का देनदार बन गया है। बजट न आने के कारण यह देनदारी दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। उधर, ग्रामीण विकास अभिकरण के सचिव ओंकार चंद का कहना है कि केंद्र से मजदूरी के लिए बजट समय पर मिल रहा है। विस चुनावों के कारण मैटीरियल का बजट डेढ़ माह से नहीं आ पाया है। सरकार ने चुनाव आयोग से बजट स्वीकृति की अनुमति ले ली है। जल्द ही मैटीरियल के लिए बजट उपलब्ध हो जाएगा।
विज्ञापन