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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायक बजट से निराश
Updated Sat, 10 Mar 2018 09:40 PM IST
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जयराम के बजट से आंगनबाड़ी वर्कर मायूस
कहा-न वेतन बढ़ा, न सरकारी कर्मचारी बनाया
वेतन वृद्धि का भी नहीं किया प्रावधान : कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
जाहू (हमीरपुर)। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने पहले बजट में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को खुश रखने का प्रयास किया है। लेकिन, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को निराश किया है। सरकारी कर्मचारी और हरियाणा राज्य की तर्ज पर वेतन देने की मांग पूरी नहीं हो पाई है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को बजट से निराशा मिली है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों का कहना है कि प्रदेश के नियमित कर्मचारियों को चार फीसदी अंतिम राहत दी गई है। अनुबंध कर्मचारियों के वेतन को दोगुणा किया गया है। एसएमसी शिक्षकों के वेतन में 20 फीसदी वृद्धि की गई। मिड डे मील कार्यकर्ता और पार्ट टाइम कार्यकर्ताओं के वेतन में वृद्धि की गई है लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की उपेक्षा की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम, सरोजनी देवी, कमला देवी, पिंकी देवी, राजो देवी, सुषमा देवी, संतोष, सुजाता देवी, कांता देवी, बिमला देवी, सावित्री देवी, सरला देवी सहित अन्य का कहना है कि संघ लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और वेतन में वृद्धि करने की मांग कर रहा है। इसके बावजूद बजट में कुछ भी नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में कार्य कर रही है। इसके सफल परिणाम भी सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के हितों को भी सुरक्षित रखें।
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कहा-न वेतन बढ़ा, न सरकारी कर्मचारी बनाया
वेतन वृद्धि का भी नहीं किया प्रावधान : कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो
जाहू (हमीरपुर)। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने पहले बजट में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को खुश रखने का प्रयास किया है। लेकिन, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को निराश किया है। सरकारी कर्मचारी और हरियाणा राज्य की तर्ज पर वेतन देने की मांग पूरी नहीं हो पाई है। इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को बजट से निराशा मिली है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों का कहना है कि प्रदेश के नियमित कर्मचारियों को चार फीसदी अंतिम राहत दी गई है। अनुबंध कर्मचारियों के वेतन को दोगुणा किया गया है। एसएमसी शिक्षकों के वेतन में 20 फीसदी वृद्धि की गई। मिड डे मील कार्यकर्ता और पार्ट टाइम कार्यकर्ताओं के वेतन में वृद्धि की गई है लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों की उपेक्षा की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुसुम, सरोजनी देवी, कमला देवी, पिंकी देवी, राजो देवी, सुषमा देवी, संतोष, सुजाता देवी, कांता देवी, बिमला देवी, सावित्री देवी, सरला देवी सहित अन्य का कहना है कि संघ लंबे समय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने और वेतन में वृद्धि करने की मांग कर रहा है। इसके बावजूद बजट में कुछ भी नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में कार्य कर रही है। इसके सफल परिणाम भी सामने आए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायकों के हितों को भी सुरक्षित रखें।