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हुनरमंद बनकर कमाएं आजीविका
Updated Tue, 21 Nov 2017 10:41 PM IST
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हमीरपुर। उद्योग विभाग ने स्वरोजगार के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। विभाग की इन योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के युवा हुनरमंद बन सकते हैं और आजीविका कमा सकते हैं। विभाग द्वारा रूरल इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कार्यक्रम के तहत युवाओं को विभिन्न प्रकार के ट्रेडों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत कटिंग, टेलरिंग, वेल्डिंग और फैशन डिजाइनिंग आदि का प्रशिक्षण युवाओं को दिया जा रहा है। प्रशिक्षुओं का चयन पंचायत के प्रस्ताव के आधार पर किया जाता है। इस प्रशिक्षण के लिए स्थानीय प्रशिक्षक को अधिमान दिया जाता हैै। इस साल जुलाई माह से लगभग 602 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन प्रशिक्षुओं में से अधिकतर को मान्यता प्राप्त आईटीआई में ही नौ महीने का प्रशिक्षण दिलवाया जा रहा है। क्योंकि आईटीआई में प्रशिक्षण के लिए सभी जरूरी उपकरण इत्यादि उपलब्ध होते हैं। युवा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।
वहीं, उद्योग विभाग द्वारा रूरल इंजीनियरिंग बेस कार्यक्रम के तहत भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अनुसूचित जाति के बीपीएल अभ्यर्थियों को अधिमान दिया जाता है। अगर अभ्यर्थी एससी बीपीएल से संबंधित न हो तो एससी को अधिमान दिया जाता है। प्रशिक्षुओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिलवाया जाता है और 2400 रुपए प्रतिमाह भी दिए जाते हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद प्रशिक्षु को प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। यह कार्यक्रम 2011-12 से चलाया जा रहा है। अब तक कुल 28 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस साल के लिए 11 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का प्रावधान है। अभी तक पांच युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शेष छह सीटों के लिए युवा आवेदन कर सकते हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद प्रत्येक प्रशिक्षु को सात हजार रुपये की टूल किट भी प्रदान की जाती है। इस राशि का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से किया जाता है।
उधर, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विजय चौधरी ने बताया कि युवाओं के लिए कई प्रकार की योजनाएं शुरू की गई हैं। इन कार्यक्रमों का लाभ उठाकर जिले के युवा हुनरमंद बन रहे हैं।
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वहीं, उद्योग विभाग द्वारा रूरल इंजीनियरिंग बेस कार्यक्रम के तहत भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अनुसूचित जाति के बीपीएल अभ्यर्थियों को अधिमान दिया जाता है। अगर अभ्यर्थी एससी बीपीएल से संबंधित न हो तो एससी को अधिमान दिया जाता है। प्रशिक्षुओं को निशुल्क प्रशिक्षण दिलवाया जाता है और 2400 रुपए प्रतिमाह भी दिए जाते हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद प्रशिक्षु को प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। यह कार्यक्रम 2011-12 से चलाया जा रहा है। अब तक कुल 28 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इस साल के लिए 11 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण देने का प्रावधान है। अभी तक पांच युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शेष छह सीटों के लिए युवा आवेदन कर सकते हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद प्रत्येक प्रशिक्षु को सात हजार रुपये की टूल किट भी प्रदान की जाती है। इस राशि का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से किया जाता है।
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उधर, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक विजय चौधरी ने बताया कि युवाओं के लिए कई प्रकार की योजनाएं शुरू की गई हैं। इन कार्यक्रमों का लाभ उठाकर जिले के युवा हुनरमंद बन रहे हैं।
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