फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   god and goddess returned from heaven in their temples

स्वर्ग प्रवास से लौटे देवता, अब शुभ कार्य कर सकेंगे लोग

Wed, 13 Feb 2013 09:55 AM IST
रामपुर बुशहर/ब्यूरो
रामपुर बुशहर/ब्यूरो Updated Wed, 13 Feb 2013 09:55 AM IST
विज्ञापन
god and goddess returned from heaven in their temples

देवी-देवता स्वर्ग प्रवास से वापस लौट आए हैं। एक माह बाद स्वर्ग से लौटे देवताओं के दर्शन को मंदिरों में भारी भीड़ जुटी। मंदिरों में अब देवताओं की नियमित आरती उतारी जाएगी। अब शुभ कार्य भी किए जा सकेंगे।

विज्ञापन


रामपुर बुशहर, आउटर सिराज, किन्नौर के देवी-देवता मकर संक्रांति को एक माह के लिए स्वर्ग प्रवास पर चले गए थे। मान्यता अनुसार देवी-देवता इस अवधि में इंद्रलोक में रहते हैं। मंगलवार को एक माह पूरा होने पर देवता वापस अपने मंदिरों में लौट आए। देवी-देवताओं के वापस आने की खुशी में मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
विज्ञापन


देवताओं की मूर्तियां देवरथों में सजा दी गई हैं। ये स्वर्ग जाने से पूर्व रथों से उतार दी गई थीं। मंदिरों में नियमित पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई है। स्वर्ग प्रवास पर रहते समय देवताओं को मंदिर के बाहर से आकाश की ओर धूप दिया जाता था। देवताओं के स्वर्ग में रहते समय शुभ कार्य नहीं किए जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


जाख देवता रचोली, बहासरा देवता, काजल देवता गसो, दरकाली में लक्ष्मी नारायण देवता, लालसा में दोगड़ू देवता, बरांदली में छत्रखंड देवता, डंसा देवता, शोली में शोलेश्वर महादेव, देवता खंटू सेरिमझाली आदि देवताओं ने अपने गूरों के माध्यम से वर्षफल भी सुनाया। वर्षफल सुनने को मंदिरों में बड़ी संख्या में लोग जुटे। उन्होंने देवताओं के दर्शन करके आशीर्वाद भी लिया। अधिकांश देवताओं ने फसल अच्छी रहने की भविष्यवाणी की है तो वहीं छिटपुट घटनाओं की संभावना भी जताई है।

शोली में शिव पिंडी पर स्वत: उगती है ध्रुवा
देवता पलथान के शिवालय में फाल्गुन संक्रांति को अनोखा चमत्कार देखने को मिलता है। यहां एक माह बाद देवता के स्वर्ग प्रवास से लौटने पर जब शिवालय का कपाट खुलता है तो वहां मौजूद शिव पिंडी पर अपने आप ही ध्रुवा उगी होती है। दैवीय चमत्कार को देखने के लिए कड़ेली ही नहीं बल्कि ननखड़ी, शोली, बोड़जा, देलठ समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।


सरसों के दाने बताते हैं कि अच्छा होगा कि बुरा
वर्षफल सुनाने के बाद देवता के गूर मंदिर के लोगों को आशीर्वाद के तौर पर सरसों के दाने देते हैं। आपके लिए यह साल अच्छा रहेगा या फिर बुरा, इन दानों से यह सब पता चलता है। यानी अगर किसी व्यक्ति को 1, 3, 7 दाने आए हैं तो साल शुभ है। यदि 2, 4, 8 आते हैं तो कुछ न कुछ गड़बड़ होने के संकेत होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed