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Himachal Rain: उफनते जाहलमा नाले ने रोकी बरात, गार्डर के सहारे ससुराल पहुंची दुल्हन

Tue, 30 Jun 2026 07:35 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)।
अमर उजाला नेटवर्क, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 30 Jun 2026 07:35 PM IST
सार

 लाहाैल-स्पीति जिले के जाहलमा नाले में आई बाढ़ ने एक शादी की रस्मों में खलल डाल दिया। दूल्हा-दुल्हन और बरातियों को लोहे के गार्डर से नाला पार करवाया गया। 

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flooded Jahlma nala halts wedding procession; bride reaches home with the help of a girder.
उफनते जाहलमा नाले ने रोकी बरात, गार्डर के सहारे घर पहुंची दुल्हन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के लाहाैल-स्पीति जिले के  जाहलमा नाले में आई बाढ़ ने एक शादी की रस्मों में बाधा डाल दी। कुल्लू की लगघाटी से लाहौल लौट रही बरात को उफनते नाले के कारण एक दिन दुल्हन के घर ही रुकना पड़ा। सोमवार को दूल्हा-दुल्हन और बरातियों ने लोहे के गार्डर के सहारे नाला पार कर अपने गंतव्य तक पहुंचने का सफर पूरा किया। जिले के हिंसा गांव निवासी सुदर्शन राघव सोमवार तड़के बरात लेकर कुल्लू की लगघाटी गए थे।

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बाढ़ आने से बरातियों को दुल्हन के घर ही रात बितानी पड़ी

शाम तक दुल्हन रीता के साथ घर लौटने की योजना थी, लेकिन दोपहर बाद जाहलमा नाले में बाढ़ आने से बरातियों को दुल्हन के घर ही रात बितानी पड़ी। मंगलवार सुबह लौटते समय बरात जाहलमा नाले पहुंची तो सभी ने वाहन एक ओर छोड़ दिए। स्थानीय लोगों और बीआरओ की ओर से लगाए गए लोहे के गार्डर के सहारे दूल्हा-दुल्हन व बरातियों ने नाला पार किया। दूसरी ओर खड़ी गाड़ियों से वे हिंसा गांव के लिए रवाना हुए। दूल्हे के रिश्तेदार सुरेंद्र ने बताया कि घर पहुंचने के बाद शादी की शेष रस्में मंगलवार को पूरी कराई गईं।
 

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जाहलमा नाले पर गार्डर लगा कर निकाले लोग और सब्जियां

 जाहलमा नाले में बार-बार जलस्तर बढ़ रहा है। ऐसे में दो दिनों से वैकल्पिक मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई है। उदयपुर उपमंडल की 14 पंचायतों के साथ पांगी घाटी के लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। सोमवार को पांच-छह बार नाला उफान पर आया, लेकिन मंगलवार को पानी का बहाव कम होने पर बीआरओ के जवानों ने लोहे के गार्डर डालकर लोगों को नाला आरपार करवाया। साथ ही व्यापारियों ने घाटी में खरीदी मटर की फसल को मजदूरों की मदद से पीठ में ढोकर निकाली।

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गार्डर को बार-बार खोलना और लगाना पड़ा

मंगलवार दोपहर बाद पानी के बहाव में उतार-चढ़ाव के कारण गार्डर को बार-बार खोलना और लगाना पड़ा। मंगलवार को अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान मनाली की एक्सपर्ट टीम ने मौके पर पहुंचकर नाले पर एक जिपलाइन स्थापित कर दी है ताकि आपात स्थिति में इसके माध्यम से लोगों को आरपार करवाया जा सके। सीमा सड़क संगठन 94 के ओसी मेजर पारस ने बताया कि मंगलवार को नाले में काम करना मुश्किल हो गया। बताया कि बुधवार सुबह वैकल्पिक सड़क की बहाली का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उधर, लोक निर्माण विभाग चिनाब मंडल उदयपुर के अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार का कहना है कि आपात स्थिति में आवाजाही के लिए नाले पर दो झूले लगाए जाएंगे। 

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