{"_id":"69e62654e2df170ee405fd34","slug":"himachal-grace-marks-to-be-awarded-for-incorrect-questions-asked-in-class-10-and-12-exams-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल: 10वीं और 12वीं की परीक्षा में पूछे गलत सवालों के मिलेंगे ग्रेस मार्क्स, जांच में सही पाई गईं आपत्तियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल: 10वीं और 12वीं की परीक्षा में पूछे गलत सवालों के मिलेंगे ग्रेस मार्क्स, जांच में सही पाई गईं आपत्तियां
Tue, 21 Apr 2026 07:15 AM IST
Ankesh Dogra
विपिन चौधरी, धर्मशाला।
विपिन चौधरी, धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 21 Apr 2026 07:15 AM IST
सार
10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं में पूछे गए गलत बहु-विकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) पर अब विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ग्रेस मार्क्स देगा। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से मार्च में करवाई गई 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं में पूछे गए गलत बहु-विकल्पीय प्रश्नों (एमसीक्यू) पर अब विद्यार्थियों को राहत मिलने जा रही है। बोर्ड ने निर्णय लिया है कि जिन विषयों में प्रश्न या उनके विकल्प गलत पाए गए हैं, उनमें परीक्षार्थियों को ग्रेस मार्क्स (अनुग्रह अंक) दिए जाएंगे।
विज्ञापन
बोर्ड ने पहली बार बहु-विकल्पीय प्रश्नों की अस्थायी उत्तर कुंजी (प्रोविजनल आंसर-की) जारी कर 5 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी थीं। इस दौरान बोर्ड के पास विभिन्न विषयों को लेकर 100 से अधिक आपत्तियां दर्ज करवाई गईं। हालांकि जांच के दौरान अधिकतर आपत्तियां तथ्य विहीन पाई गईं, लेकिन कुछ विषयों में विशेषज्ञों ने माना कि प्रश्न या उत्तर के विकल्पों में गलती थी। शिक्षा बोर्ड के विशेषज्ञों की ओर से किए गए अध्ययन के बाद अब संबंधित विषयों में विद्यार्थियों को एक से दो ग्रेस मार्क्स दिए जाएंगे। बोर्ड का मानना है कि इससे परीक्षा परिणामों में सटीकता और सुधार आएगा। इस बार बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव करते हुए 15 से 20 एमसीक्यू प्रश्न शामिल किए थे।
विज्ञापन
शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि आपत्तियों का विषय विशेषज्ञों से गहन अध्ययन करवाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिजल्ट घोषित करने से पहले बोर्ड फाइनल आंसर-की भी जारी करेगा। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है ताकि किसी भी विद्यार्थी के मन में परिणाम को लेकर कोई संशय न रहे।
विज्ञापन