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हिमाचल: पूर्व सीपीएस नीरज भारती कांग्रेस से 6 साल के लिए निष्कासित, जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने जारी किए आदेश
Sun, 07 Jun 2026 10:06 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:06 AM IST
सार
जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी ने पूर्व सीपीएस और कृषि मंत्री चंद्र कुमार के पुत्र नीरज भारती को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने आदेश जारी किए हैं। भारती का इस्तीफा भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया है।
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नीरज भारती
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी ने कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बेटे एवं पूर्व सीपीएस नीरज भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने शनिवार को आदेश जारी किए। पत्र के अनुसार, नीरज भारती को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके बाद उनकी ओर से दिए इस्तीफे को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने स्वीकार कर लिया।
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पत्र में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों, संगठनात्मक अनुशासन और पार्टी हितों के विरुद्ध आचरण को देखते हुए भारती को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से छह वर्ष के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया गया है। जिलाध्यक्ष की ओर से जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। इस कार्रवाई के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
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चंद्र बोले-भारती को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था, पार्टी को भी उनसे करनी चाहिए थी चर्चा
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने अपने बेटे पूर्व सीपीएस नीरज भारती के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बाप का जूता बेटे के पांव में आए तो उसकी लाइन और सोच थोड़ी अलग हो जाती है। उन्होंने कहा कि भारती का बयान पार्टी और सरकार की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। चंद्र कुमार ने सार्वजनिक मंचों पर ऐसी बातें उठाने को अनुचित बताया और कहा कि पार्टी ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कि अटैचियां देने वाले आरोप भी सरासर निराधार हैं। भारती को बगैर तथ्यों के बात नहीं करनी चाहिए। चंद्र ने कहा कि नीरज भारती को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी या भावनाओं में लिया गया होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी को इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने के बजाय नीरज भारती से चर्चा करनी चाहिए थी।
शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक से पहले प्रेस वार्ता में चंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के आरोपों से पार्टी और सरकार दोनों पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मर्यादा और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाराजगी या शिकायत थी, तो उसे पार्टी के आंतरिक मंच पर उठाना चाहिए था। भारती पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन के आधार पर चलती है और संगठन में अनुशासन बनाए रखना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ बातें करना पार्टी हित में नहीं है। युवा नेताओं में कई बार भावनाओं में फैसले लेने की स्थिति बन जाती है। चंद्र ने कहा कि पार्टी के भीतर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनका समाधान बातचीत से होता है। पार्टी बातचीत के जरिये सभी मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने अपने बेटे पूर्व सीपीएस नीरज भारती के हालिया बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बाप का जूता बेटे के पांव में आए तो उसकी लाइन और सोच थोड़ी अलग हो जाती है। उन्होंने कहा कि भारती का बयान पार्टी और सरकार की छवि पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। चंद्र कुमार ने सार्वजनिक मंचों पर ऐसी बातें उठाने को अनुचित बताया और कहा कि पार्टी ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं करती। उन्होंने कि अटैचियां देने वाले आरोप भी सरासर निराधार हैं। भारती को बगैर तथ्यों के बात नहीं करनी चाहिए। चंद्र ने कहा कि नीरज भारती को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी या भावनाओं में लिया गया होगा। मंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी को इस्तीफा तुरंत स्वीकार करने के बजाय नीरज भारती से चर्चा करनी चाहिए थी।
शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक से पहले प्रेस वार्ता में चंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि इस प्रकार के आरोपों से पार्टी और सरकार दोनों पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। मंत्री ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मर्यादा और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाराजगी या शिकायत थी, तो उसे पार्टी के आंतरिक मंच पर उठाना चाहिए था। भारती पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व के साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पार्टी अनुशासन के आधार पर चलती है और संगठन में अनुशासन बनाए रखना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। सार्वजनिक रूप से सरकार के खिलाफ बातें करना पार्टी हित में नहीं है। युवा नेताओं में कई बार भावनाओं में फैसले लेने की स्थिति बन जाती है। चंद्र ने कहा कि पार्टी के भीतर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनका समाधान बातचीत से होता है। पार्टी बातचीत के जरिये सभी मुद्दों का समाधान निकालने का प्रयास करेगी।