{"_id":"6745cc77945ff5dafc014e68","slug":"cm-sukhu-said-the-institute-will-prepare-6800-youth-for-competitive-examinations-free-of-cost-2024-11-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- 6,800 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी करवाएगी संस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- 6,800 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी करवाएगी संस्था
Tue, 26 Nov 2024 06:56 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Tue, 26 Nov 2024 06:56 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में क्रैक अकादमी 6,800 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के लिए 34 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। ये जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दी। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश के 6,800 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क तैयारी के लिए क्रैक अकादमी 34 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस संस्था के माध्यम से 100 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें छात्रवृत्ति प्रदान कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रदेश के छठी कक्षा से लेकर स्नातक स्तर तक के विद्यार्थियों को इस संस्था के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं सहित कौशल विकास पर भी जानकारी प्रदान की जाएगी। मंगलवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान क्रैक अकादमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नीरज कंसल ने समावेशी शिक्षा की ओर यात्रा विषय पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
ड्रोन तकनीक से 15 हजार युवाओं को रोजगार : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निर्माण, कृषि, चिकित्सा, आपदा के दौरान खाद्य वस्तुओं का वितरण आदि सेवाएं ड्रोन तकनीक के तहत अहम साबित हो सकती हैं। ड्रोन तकनीक के माध्यम से प्रदेश में लगभग 15 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। युवाओं को ड्रोन तकनीक आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए आईटीआई में अत्याधुनिक पाठ्यक्रम आरंभ किए गए हैं, जिनमें कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे विषय भी शामिल हैं। सुक्खू ने कहा कि सोलर एनर्जी के माध्यम से भी प्रदेश में लगभग तीन हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। राज्य में घरों की छतों पर लगभग 16 लाख सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने यह बात प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था की ओर से ग्रीन हिमाचल समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर दी गई प्रस्तुति के दौरान कही। प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और लघु एवं सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे पूर्व प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था के निदेशक राजीव ने ग्रीन हिमाचल-समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक संजय अवस्थी, केवल सिंह पठानिया, सुरेश कुमार, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित रहे।
पर्यटन के माध्यम से तीन लाख लोगों को मिला रोजगार
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन राज्य है और प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र का लगभग सात प्रतिशत योगदान है। वर्ष 2023 में प्रदेश में लगभग 1.6 करोड़ पर्यटक पहुंचे। पर्यटन के माध्यम से प्रदेश के लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में ई-व्हीकल्स को प्राथमिकता दी जा रही है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उगाई जाने वाली मक्की की खरीद के लिए राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि निर्माण, कृषि, चिकित्सा, आपदा के दौरान खाद्य वस्तुओं का वितरण आदि सेवाएं ड्रोन तकनीक के तहत अहम साबित हो सकती हैं। ड्रोन तकनीक के माध्यम से प्रदेश में लगभग 15 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। युवाओं को ड्रोन तकनीक आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए आईटीआई में अत्याधुनिक पाठ्यक्रम आरंभ किए गए हैं, जिनमें कृत्रिम मेधा (एआई) जैसे विषय भी शामिल हैं। सुक्खू ने कहा कि सोलर एनर्जी के माध्यम से भी प्रदेश में लगभग तीन हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। राज्य में घरों की छतों पर लगभग 16 लाख सोलर रूफटॉप लगाए जाएंगे।
मंगलवार को मुख्यमंत्री ने यह बात प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था की ओर से ग्रीन हिमाचल समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर दी गई प्रस्तुति के दौरान कही। प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और लघु एवं सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे पूर्व प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं कृषि पारिस्थितिकी संस्था के निदेशक राजीव ने ग्रीन हिमाचल-समृद्ध हिमाचल विषय को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक संजय अवस्थी, केवल सिंह पठानिया, सुरेश कुमार, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना सहित अन्य विभागों के सचिव उपस्थित रहे।
पर्यटन के माध्यम से तीन लाख लोगों को मिला रोजगार
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पर्यटन राज्य है और प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र का लगभग सात प्रतिशत योगदान है। वर्ष 2023 में प्रदेश में लगभग 1.6 करोड़ पर्यटक पहुंचे। पर्यटन के माध्यम से प्रदेश के लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में ई-व्हीकल्स को प्राथमिकता दी जा रही है। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उगाई जाने वाली मक्की की खरीद के लिए राज्य सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य 30 रुपये निर्धारित किया गया है।