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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   CM Sukhu said JOAIT will replace the abolished posts govt cannot bear the expenses of electricity board

सीएम सुक्खू दो बड़े बयान: खत्म किए पदों की जगह रखेंगे जेओएआईटी, बिजली बोर्ड का खर्च वहन नहीं कर सकती सरकार

Sun, 27 Oct 2024 06:46 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sun, 27 Oct 2024 06:46 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि विभागों से डाटा मांगा गया है, जो पद दो साल या इससे ज्यादा समय से नहीं भरे गए हैं, वह पद लगभग समाप्त हो चुके हैं। उनकी जगह पर अब जेओएआईटी के पदों को भरा जाएगा। वहीं, बिजली बोर्ड को लेकर भी बड़ा बयान दिया है।

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CM Sukhu said JOAIT will replace the abolished posts govt cannot bear the expenses of electricity board
पाइनग्रोव स्कूल धर्मपुर में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मुफ्त में सुर्खियां बटोरना चाहते हैं। वह जनता को गुमराह कर रहे हैं। जयराम खुद भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं, वह बताएं कि कौन से पद सरकार खत्म कर रही है। सोलन के पाइनग्रोव स्कूल में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने कहा कि सरकार की योजना सालों से खाली पड़े पदों को समाप्त करने की नहीं है। विभागों से डाटा मांगा गया है, जो पद दो साल या इससे ज्यादा समय से नहीं भरे गए हैं, वह पद लगभग समाप्त हो चुके हैं। उनकी जगह पर अब जेओएआईटी के पदों को भरा जाएगा, क्योंकि अब कंप्यूटर का जमाना है। इसके लिए सरकार बजट बना रही है।

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'बिजली बोर्ड को अपने पांव पर खड़ा होना ही पड़ेगा'
सुक्खू ने बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को नसीहत देते हुए कहा कि बिजली बोर्ड को अब अपने पांव पर खड़ा होना ही पड़ेगा। सरकार उन्हें 2,200 करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है। यह सब्सिडी गांव के किसानों को भी दी जा सकती है। ढाई रुपये प्रति यूनिट बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पेंशनरों पर खर्च होती है। उसके बाद जनता का नंबर आता है। वहीं सरकार अनुदान भी देती है। यह बात बिजली बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारियों को भी सोचनी चाहिए कि पोस्ट बढ़ाकर फायदा है या उन्हें अपने पांव पर खड़ा होकर।
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'सरकार भी कब तक अनुदान देगी'
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कब तक जनता के ऊपर बोझ डाला जाएगा और सरकार भी कब तक अनुदान देगी। सरकार बिजली बोर्ड का खर्च वहन नहीं सकती। बोर्ड के कर्मचारियों की मांगें सरकार सुनेगी, मगर उन्हें भी सरकार के बारे में सोचना होगा। कहा कि बोर्ड को दी जाने वाली अनुदान राशि को गांव के किसानों पर लगाया जाएगा तो ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

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