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Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- पर्यावरण संरक्षण की एवज में हिमाचल प्रदेश ग्रीन बोनस का हकदार
Fri, 10 Oct 2025 06:21 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 10 Oct 2025 06:21 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र और 16वें वित्त आयोग के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती के साथ रखा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की एवज में हिमाचल प्रदेश ग्रीन बोनस का हकदार है। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की एवज में हिमाचल प्रदेश ग्रीन बोनस का हकदार है। हिमाचल को लंग्ज ऑफ नॉर्थ इंडिया कहा जाता है और प्राकृतिक संपदा के विस्तार, पारिस्थितिकीय संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को बनाए रखने में प्रदेश के यह प्रयास महत्वपूर्ण साबित होंगे। हमारा राज्य मिट्टी, पानी, स्वच्छ हवा और अनुकूल जलवायु के रूप में देश को अनुकूल पारिस्थितिक तंत्र प्रदान करता है। वनों के कटान से हम प्रदेश के लिए आर्थिक संसाधन जुटा सकते हैं, लेकिन पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के दृष्टिगत हम वनों के संरक्षण को महत्व देते हैं।
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राज्य सरकार ने केंद्र और 16वें वित्त आयोग के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती के साथ रखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल में पारिस्थितिक तंत्र में संरक्षण के प्रति योगदान का तकनीकी और वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगी, जिसके अनुरूप हिमाचल को प्रतिवर्ष लगभग 90,000 करोड़ रुपये प्राप्त हो सकते हैं। शुक्रवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने का संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके दृष्टिगत प्रभावी नीतियों और कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक लागू कर इस दिशा में तेजी से प्रगति की जा रही है। कृषि, बागवानी, पशुपालन, वानिकी, उद्योग तथा परिवहन सहित अन्य सभी क्षेत्रों में प्रदेश सरकार पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसे पूर्ण करने के लिए हमें राज्य की कुल ऊर्जा खपत का लगभग 90 प्रतिशत नवीकरणीय या हरित ऊर्जा स्रोतों के उपयोग से हासिल करना होगा। वर्तमान में हमारी ऊर्जा खपत लगभग 14,000 मिलियन यूनिट है और यदि हम 12,600 मिलियन यूनिट नवीकरणीय और हरित ऊर्जा से उपयोग में लाएंगे, तभी हिमाचल हरित राज्य बन सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका सीधा लाभ राज्य के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को होगा।
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500 और ई-बसें खरीदेगी सरकार
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से ई-बसों से बदला जा रहा है। 124 करोड़ रुपये की लागत से बस अड्डों पर ई-चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन ई-बसों की खरीद के अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 500 और ई-बसें खरीदी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम वायु प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से ई-बसों से बदला जा रहा है। 124 करोड़ रुपये की लागत से बस अड्डों पर ई-चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन ई-बसों की खरीद के अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 500 और ई-बसें खरीदी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम वायु प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।