चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामला: बीसीएस में चक्का जाम से खलीनी और पंथाघाटी तक लगीं वाहनों की कतारें
पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में देररात तक कर्मचारियों और परिजनों ने चक्का जाम किया। वहीं, बीसीएस से पंथाघाटी और खलीनी तक वाहनों की कतारें लगीं रहीं।
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पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत के मामले में राजधानी शिमला के बीसीएस में शाम 4:00 बजे से लेकर देररात तक कर्मचारियों और परिजनों ने चक्का जाम किया। इस वजह से बीसीएस-न्यू शिमला सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से अवरुद्ध रही।
जाम के कारण बीसीएस से पंथाघाटी और खलीनी तक वाहनों की कतारें लगीं रहीं। बसों और छोटे वाहनों की आवाजाही बंद होने से सेक्टर चार से लोग दो से तीन किलोमीटर पैदल चलकर बीसीएस पहुंचे। इसके बाद खलीनी-पंथाघाटी मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हो गई। लोगों को इसके बाद बस अड्डे तक पैदल चलना पड़ा। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को हुई जो छुट्टी के बाद घर जाने के लिए निकले थे। इसके अलावा स्कूली छात्र भी परेशान रहे। इसके बाद मजबूरी में लोग पैदल ही गंतव्य की ओर रवाना हुए।
वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से बीसीएस-न्यू शिमला में लोग घंटों फंसे रहे। पुलिस विभाग ने यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की थी। इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित रही। मार्ग अवरुद्ध रहने से सरकारी कर्मचारियों के साथ ही बीसीएस में कोचिंग सेंटरों में पढ़ने वाले बच्चों और आसपास के स्कूलों के विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक घंटा किया बस का इंतजार, अब पैदल जा रहे न्यू शिमला सेक्टर तीन में रहने वाले राकेश ने बताया कि वह एक घंटे तक बस का इंतजार करते रहे। इसके बाद पता चला कि बीसीएस में यातायात बंद है। अब पैदल बीसीएस पहुंचे हैं, लेकिन यहां भी वह आधे घंटे से बस स्टैंड जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। बीसीएस के रहने वाले विमल ठाकुर ने बताया कि वह बाइक से न्यू शिमला से बीसीएस आ रहे थे लेकिन यहां जाम लगा था। काफी देर इंतजार करने के बाद वह बाइक साइड में लगाकर पैदल ही काम के लिए जा रहे हैं। इसी तरह से सैकड़ों लोग ऐसे थे जो कि ट्रैफिक जाम में फंसकर घंटों देरी से अपने घर तक पहुंचे। बीच में कोई बस किसी तरह से निकली भी तो वह ओवरलोड होकर बस स्टैंड तक पहुंची।
एचआरटीसी समेत कई निजी बसों भी घंटों जाम में फंसी रही। एचआरटीसी की शाम 4:10 बजे पुराना बस स्टैंड से न्यू शिमला के लिए गई बस शाम सात बजे तक फंसी रही। एक बस बाया मैहली-कुसम्पटी होकर किसी तरह से वापस पहुंची। इसके अलावा एचआरटीसी और कई निजी बसें भी बसें भी जाम में फंसी रहीं।