{"_id":"65d38fe7b70cc266d30492d2","slug":"wow-the-system-taps-are-installed-only-on-paper-water-is-not-available-in-reality-chamba-news-c-88-1-ssml1004-118757-2024-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: वाह री व्यवस्था... कागजों में ही लगे नल, हकीकत में नहीं मिल रहा जल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: वाह री व्यवस्था... कागजों में ही लगे नल, हकीकत में नहीं मिल रहा जल
Mon, 19 Feb 2024 10:59 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 19 Feb 2024 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तेलका (चंबा)। केंद्र सरकार की हर घर जल पहुंचाने की योजना कागजों में तो पूरी हो गई है, लेकिन हकीकत में 90 फीसदी घरों में नल लगे ही नहीं हैं।
यह मामला उपमंडल सलूणी का है। प्रभावित लोगों की मानें तो उन्होंने नल लगाने के लिए बाकायदा 100 रुपये का भुगतान भी कर दिया है। बावजूद इसके नल अभी नहीं लगा है। स्थानीय लोगों ने योजना के तहत बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि उपमंडल सलूणी की बाड़का पंचायत के कई गांवों में जब नल ही नहीं लगे तो पानी की आपूर्ति कैसे होगी।
15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। साल 2024 तक देश के सभी घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा था। हिमाचल ने समय से पहले अपना लक्ष्य हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। जिले में हर घर नल जल योजना का काम कागजों में पूरा हो चुका है। पानी के पाइप बिछ चुके हैं, नल भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बाड़का पंचायत के गांव भेड़ोई, सेरु, गडेन, बरोला में 90 प्रतिशत घरों में नल नहीं लगे हैं। गांव भेड़ोई, सेरु, बरोला के ग्रामीणों ने बताया नल लगाने के लिए लोगों से 100 रुपये लिए गए थे। कहा कि संबंधित ठेकेदार से पूछें कि नल कब लगेंगे तो पाइप न आने का हवाला देकर बात टाल देते हैं।
--
पेयजल कनेक्शन लगवाने के नाम पर करीब छह माह पूर्व लोक मित्र संचालकों की ओर से 100 रुपये और आधार नंबर लिया गया है, लेकिन आज तक ना न पेयजल लाइन बिछी और न ही नल लग पाया है। - चमारू राम, भेड़ोई
विज्ञापन
--
केंद्र सरकार की हर घर जल पहुंचाने की योजना के तहत आज तक घरों के लिए न तो पेयजल लाइन बिछ पाई है और न ही नल लग पाए हैं। ग्रामीण खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। - पृथ्वी सिंह, भेड़ोई
--
योजना के तहत नाम होने के बाद भी घर में नल नहीं लगा है। उन्हें मीलों दूर प्राकृतिक जलस्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। विभागीय नाकामी का खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। - भोटी देवी, भेड़ाेई
--
केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2019 में हर घर तक जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना शुरू की थी, लेकिन आज तक घरों तक पेयजल पहुंचाने के लिए नल तक नहीं लग पाया है। - रत्न चंद, सेरू
--
जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश मोगरा ने कहा कि इस कार्य का निरीक्षण किया जाएगा। अगर इसमें भ्रष्टाचार पाया जाता है तो विभाग के संबंधित कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
--
विज्ञापन
यह मामला उपमंडल सलूणी का है। प्रभावित लोगों की मानें तो उन्होंने नल लगाने के लिए बाकायदा 100 रुपये का भुगतान भी कर दिया है। बावजूद इसके नल अभी नहीं लगा है। स्थानीय लोगों ने योजना के तहत बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि उपमंडल सलूणी की बाड़का पंचायत के कई गांवों में जब नल ही नहीं लगे तो पानी की आपूर्ति कैसे होगी।
15 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन की घोषणा की थी। साल 2024 तक देश के सभी घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा था। हिमाचल ने समय से पहले अपना लक्ष्य हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। जिले में हर घर नल जल योजना का काम कागजों में पूरा हो चुका है। पानी के पाइप बिछ चुके हैं, नल भी लगाए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बाड़का पंचायत के गांव भेड़ोई, सेरु, गडेन, बरोला में 90 प्रतिशत घरों में नल नहीं लगे हैं। गांव भेड़ोई, सेरु, बरोला के ग्रामीणों ने बताया नल लगाने के लिए लोगों से 100 रुपये लिए गए थे। कहा कि संबंधित ठेकेदार से पूछें कि नल कब लगेंगे तो पाइप न आने का हवाला देकर बात टाल देते हैं।
विज्ञापन
पेयजल कनेक्शन लगवाने के नाम पर करीब छह माह पूर्व लोक मित्र संचालकों की ओर से 100 रुपये और आधार नंबर लिया गया है, लेकिन आज तक ना न पेयजल लाइन बिछी और न ही नल लग पाया है। - चमारू राम, भेड़ोई
विज्ञापन
केंद्र सरकार की हर घर जल पहुंचाने की योजना के तहत आज तक घरों के लिए न तो पेयजल लाइन बिछ पाई है और न ही नल लग पाए हैं। ग्रामीण खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। - पृथ्वी सिंह, भेड़ोई
योजना के तहत नाम होने के बाद भी घर में नल नहीं लगा है। उन्हें मीलों दूर प्राकृतिक जलस्रोत से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। विभागीय नाकामी का खामियाजा लोगों को उठाना पड़ रहा है। - भोटी देवी, भेड़ाेई
केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2019 में हर घर तक जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना शुरू की थी, लेकिन आज तक घरों तक पेयजल पहुंचाने के लिए नल तक नहीं लग पाया है। - रत्न चंद, सेरू
जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश मोगरा ने कहा कि इस कार्य का निरीक्षण किया जाएगा। अगर इसमें भ्रष्टाचार पाया जाता है तो विभाग के संबंधित कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।