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36 घंटे बाद काम पर लौटे हड़ताल पर गए श्रमिक
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होली में प्रर्दशन करते कुठेड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट कंपनी के कामगार।
- फोटो : Chamba
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होली (चंबा)। कुठेड़ जल विद्युत परियोजना का कार्य 36 घंटों के बाद शुरू हुआ। कंपनी प्रबंधन की ओर से वर्करों की मांगों को मानने का आश्वासन देने के बाद ही बुधवार रात की शिफ्ट से कर्मचारी और श्रमिक काम पर लौटे। कुछ मांगों को कंपनी प्रबंधन ने सात दिन में पूरा करने की बात कही है। काम पर लौटने से पहले श्रमिकों ने साफ किया है कि निर्धारित समयावधि में मांगें पूरी न होने पर वे दोबारा हड़ताल पर जा सकते हैं।
गौर रहे कि सीटू प्रधान सोभन राम, श्रमिकों सतीश कुमार, ओंकार सिंह, रमेश चंद, उत्तम चंद, रतन चंद, सुभाष कुमार आदि ने बताया कि मुख्य मांगों में बारिश और बर्फबारी के दौरान श्रमिकों की हाजिरी लगाने, अधिकांश श्रमिकों को प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित की गई न्यूनतम मजदूरी दर के आधार पर वेतन देने, आवास की सुविधा देने या आवास की व्यवस्था न होने पर आवास भत्ता देने, परियोजना में कार्यरत सभी कामगारों के ईपीएफ का विस्तृत ब्योरा देने, कंपनी श्रमिकों को बोनस देने, शिफ्ट की गाड़ी जल्द मुहैया करवाने, साप्ताहिक अवकाश और अन्य कानून अनुसार मिलने वाली छुट्टियां प्रदान करने, हर माह हाजिरी कार्ड और सैलरी स्लिप देने, हर माह की 7 तारीख से पहले वेतन देने, पहचान पत्र देने, सभी श्रमिकों को हिमाचल श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकरण करने जैसी मांगें शामिल हैं।
बुधवार सुबह कंपनी के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर उनकी मांगों को मानते हुए ठेकेदार के खाते में पेमेंट डाल दी। अब वीरवार को श्रमिकों को भुगतान कर दिया जाएगा। इसके अलावा शेष मांगों को आगामी सात दिन में पूरा करने का कंपनी की ओर से श्रमिकों को आश्वासन दिया गया।
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सीटू प्रधान सोभन राम ने बताया कि कुछ मांगें पूरी होने और शेष सात दिन में मांगें पूरी करने का कंपनी की ओर से आश्वासन दिया गया। उसके बाद अब रात की शिफ्ट में श्रमिक काम पर लौटेंगे। कहा कि सात दिन में मांगें पूरी न हुईं तो वे दोबारा हड़ताल पर जा सकते हैं।
कंपनी के जीएम रविंद्र भंबरा ने कहा कि कुछ मांगों को मौके पर पूरा कर दिया गया है। शेष मांगें सात दिन में पूरी कर दी जाएंगी। कहा कि श्रमिक काम पर लौट आए हैं।
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गौर रहे कि सीटू प्रधान सोभन राम, श्रमिकों सतीश कुमार, ओंकार सिंह, रमेश चंद, उत्तम चंद, रतन चंद, सुभाष कुमार आदि ने बताया कि मुख्य मांगों में बारिश और बर्फबारी के दौरान श्रमिकों की हाजिरी लगाने, अधिकांश श्रमिकों को प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित की गई न्यूनतम मजदूरी दर के आधार पर वेतन देने, आवास की सुविधा देने या आवास की व्यवस्था न होने पर आवास भत्ता देने, परियोजना में कार्यरत सभी कामगारों के ईपीएफ का विस्तृत ब्योरा देने, कंपनी श्रमिकों को बोनस देने, शिफ्ट की गाड़ी जल्द मुहैया करवाने, साप्ताहिक अवकाश और अन्य कानून अनुसार मिलने वाली छुट्टियां प्रदान करने, हर माह हाजिरी कार्ड और सैलरी स्लिप देने, हर माह की 7 तारीख से पहले वेतन देने, पहचान पत्र देने, सभी श्रमिकों को हिमाचल श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकरण करने जैसी मांगें शामिल हैं।
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बुधवार सुबह कंपनी के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर उनकी मांगों को मानते हुए ठेकेदार के खाते में पेमेंट डाल दी। अब वीरवार को श्रमिकों को भुगतान कर दिया जाएगा। इसके अलावा शेष मांगों को आगामी सात दिन में पूरा करने का कंपनी की ओर से श्रमिकों को आश्वासन दिया गया।
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सीटू प्रधान सोभन राम ने बताया कि कुछ मांगें पूरी होने और शेष सात दिन में मांगें पूरी करने का कंपनी की ओर से आश्वासन दिया गया। उसके बाद अब रात की शिफ्ट में श्रमिक काम पर लौटेंगे। कहा कि सात दिन में मांगें पूरी न हुईं तो वे दोबारा हड़ताल पर जा सकते हैं।
कंपनी के जीएम रविंद्र भंबरा ने कहा कि कुछ मांगों को मौके पर पूरा कर दिया गया है। शेष मांगें सात दिन में पूरी कर दी जाएंगी। कहा कि श्रमिक काम पर लौट आए हैं।