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महिलाएं अपने अधिकारों को समझें : कौंडल
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तीसा (चंबा)। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव विधिक सेवाएं प्राधिकरण विशाल कौंडल ने कहा कि तीन लाख से कम आय अर्जित करने वाले लोगों को अपने अधिकारों की सुरक्षा करने के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण मुफ्त में कानूनी सहायता उपलब्ध करवाता है।
यह बात उन्होंने ग्राम पंचायत बघेईगढ़ में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर के दौरान कही। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावित, अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाएं और बच्चों के लिए आय सीमा निर्धारित नहीं है। प्राधिकरण को सादे कागज पर एक प्रार्थना पत्र देकर मुफ्त में कानूनी सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने शिविर में उपस्थित महिलाओं से आग्रह किया कि उनके लिए बनाए गए कानून का दुरुपयोग न कर कानून का सदुपयोग करें। शिविर में सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण ने घरेलू हिंसा अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, मौलिक अधिकार, पंचायतीराज अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण, सूचना का अधिकार, शिक्षा के अधिकार अधिनियम और महिलाओं से जुड़े विभिन्न अधिकारों और कर्तव्य के बारे में भी जानकारी दी। अधिवक्ता नवीन कुमार ठाकुर ने शिविर में उपस्थित लोगों को विभिन्न कानूनों के बारे में बताया। शिविर में पंचायत प्रतिनिधि सहित ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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यह बात उन्होंने ग्राम पंचायत बघेईगढ़ में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर के दौरान कही। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आपदा से प्रभावित, अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाएं और बच्चों के लिए आय सीमा निर्धारित नहीं है। प्राधिकरण को सादे कागज पर एक प्रार्थना पत्र देकर मुफ्त में कानूनी सुविधा का लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने शिविर में उपस्थित महिलाओं से आग्रह किया कि उनके लिए बनाए गए कानून का दुरुपयोग न कर कानून का सदुपयोग करें। शिविर में सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण ने घरेलू हिंसा अधिनियम, सूचना का अधिकार अधिनियम-2005, मौलिक अधिकार, पंचायतीराज अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण, सूचना का अधिकार, शिक्षा के अधिकार अधिनियम और महिलाओं से जुड़े विभिन्न अधिकारों और कर्तव्य के बारे में भी जानकारी दी। अधिवक्ता नवीन कुमार ठाकुर ने शिविर में उपस्थित लोगों को विभिन्न कानूनों के बारे में बताया। शिविर में पंचायत प्रतिनिधि सहित ग्रामीण भी मौजूद रहे।
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