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Chamba News: महिलाएं अपराजिता बनकर हर मुश्किलों का कर सकती है सामना
Wed, 24 Apr 2024 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 24 Apr 2024 11:20 PM IST
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चंबा के रंग महल में अपराजिता कार्यक्रम के दौरान युवतियां और अन्य।संवाद
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चंबा। मजबूत महिला को कोई नहीं हरा सकता। अपराजिता बनकर महिलाएं हर मुश्किल का डटकर सामना कर सकती हैं। बुलंद हौसले के आगे कोई भी मुकाम पाना कठिन नहीं है।
यह बात रंगमहल चंबा में हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारपोरेशन के अधीक्षक विक्रांत गिल ने कही। वह अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि थे। उन्होंने हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कॉरपोरशन में गद्दी ड्रेस और लुआंचड़ी बनाने का प्रशिक्षण लेने वाली युवतियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को खुद ही योग्यता की पहचान कर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आगे बढ़ने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। फिर बुलंद हौसले के साथ लक्ष्य की प्राप्ति में जुट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के इरादे मजबूत बनेंगे तो महिलाएं भी मजबूत बनेंगी। ऐसे में उन्हें कोई भी हरा नहीं कर सकता। महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। कहा कि आज जिस तरह लड़कियों का शिक्षित होना जरूरी है, उसी तरह स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। महिलाओं को अपने विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति आवाज उठानी चाहिए। लड़कियों को निडर बनना चाहिए। किसी भी गलत बात का विरोध करना चाहिए।
-- अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय अभियान है। इससे महिलाओं को उनके अधिकारों को जानने का मौका मिल रहा है। अमर उजाला को ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी करवाने चाहिए। - अनुराधा चौहान
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अमर उजाला भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम करवाए। इससे महिलाएं जागरूक होकर आत्मनिर्भर बनेंगी और उनके हौंसले भी बुलंद होंगे। कई महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में पता नहीं होता। इससे वे परेशानियां झेलती हैं। - रेजू शर्मा
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इस दौर में महिलाओं के अधिकारों को समझना बहुत जरूरी है। महिला कहीं न कहीं मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के कारण पीछे रह रही हैं। ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। - अंजना कुमारी
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ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक बनाते हैं। उन्हें अपने हक की लड़ाई कैसे लड़नी चाहिए, इस कार्यक्रम से काफी चीजें सीखने को मिली है। ऐसे कार्यक्रम अन्य संस्थाओं को भी करवाने चाहिए। -अमुनीषा कुमारी
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यह बात रंगमहल चंबा में हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कारपोरेशन के अधीक्षक विक्रांत गिल ने कही। वह अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि थे। उन्होंने हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कॉरपोरशन में गद्दी ड्रेस और लुआंचड़ी बनाने का प्रशिक्षण लेने वाली युवतियों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को खुद ही योग्यता की पहचान कर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन में आगे बढ़ने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। फिर बुलंद हौसले के साथ लक्ष्य की प्राप्ति में जुट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के इरादे मजबूत बनेंगे तो महिलाएं भी मजबूत बनेंगी। ऐसे में उन्हें कोई भी हरा नहीं कर सकता। महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। कहा कि आज जिस तरह लड़कियों का शिक्षित होना जरूरी है, उसी तरह स्वस्थ रहना भी आवश्यक है। महिलाओं को अपने विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति आवाज उठानी चाहिए। लड़कियों को निडर बनना चाहिए। किसी भी गलत बात का विरोध करना चाहिए।
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अमर उजाला भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम करवाए। इससे महिलाएं जागरूक होकर आत्मनिर्भर बनेंगी और उनके हौंसले भी बुलंद होंगे। कई महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में पता नहीं होता। इससे वे परेशानियां झेलती हैं। - रेजू शर्मा
इस दौर में महिलाओं के अधिकारों को समझना बहुत जरूरी है। महिला कहीं न कहीं मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के कारण पीछे रह रही हैं। ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। - अंजना कुमारी
ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक बनाते हैं। उन्हें अपने हक की लड़ाई कैसे लड़नी चाहिए, इस कार्यक्रम से काफी चीजें सीखने को मिली है। ऐसे कार्यक्रम अन्य संस्थाओं को भी करवाने चाहिए। -अमुनीषा कुमारी