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Chamba News: चेक बाउंस के मामले में दोषी महिला को नौ माह का साधारण कारावास
Wed, 23 Sep 2026 10:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 23 Sep 2026 10:44 AM IST
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चंबा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निखिल अग्रवाल की अदालत ने तीन लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में महिला को दोषी करार देते हुए नौ माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी को शिकायतकर्ता हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक को 4.40 लाख रुपये जुर्माना/मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। राशि जमा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला वर्ष 2019 का है। बैंक की भद्रम शाखा के अनुसार महिला ने लॉन्ड्री यूनिट चलाने के लिए ऋण लिया था। ऋण की देनदारी चुकाने के लिए उसने 27 फरवरी 2019 का तीन लाख रुपये का चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद 27 अप्रैल को कानूनी नोटिस भेजा गया लेकिन राशि का भुगतान नहीं हुआ।
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सुनवाई के दौरान बैंक ने चेक, रिटर्न मेमो, कानूनी नोटिस और डाक संबंधी दस्तावेज पेश किए। आरोपी ने ऋण लेने की बात स्वीकार करते हुए चेक को सुरक्षा के लिए दिया गया खाली चेक बताया और दुरुपयोग का आरोप लगाया। अदालत ने साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर उसे दोषी करार दिया।
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अदालत ने दोषी को शिकायतकर्ता हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक को 4.40 लाख रुपये जुर्माना/मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। राशि जमा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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मामला वर्ष 2019 का है। बैंक की भद्रम शाखा के अनुसार महिला ने लॉन्ड्री यूनिट चलाने के लिए ऋण लिया था। ऋण की देनदारी चुकाने के लिए उसने 27 फरवरी 2019 का तीन लाख रुपये का चेक जारी किया। बैंक में प्रस्तुत करने पर अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद 27 अप्रैल को कानूनी नोटिस भेजा गया लेकिन राशि का भुगतान नहीं हुआ।
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सुनवाई के दौरान बैंक ने चेक, रिटर्न मेमो, कानूनी नोटिस और डाक संबंधी दस्तावेज पेश किए। आरोपी ने ऋण लेने की बात स्वीकार करते हुए चेक को सुरक्षा के लिए दिया गया खाली चेक बताया और दुरुपयोग का आरोप लगाया। अदालत ने साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर उसे दोषी करार दिया।