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Chamba News: आय का नया जरिया बनी जंगली गेंदा की खेती
Sun, 12 Jul 2026 11:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:23 PM IST
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महंगे एसेंशियल ऑयल की बाजार में अच्छी मांग होने से बढ़ा किसानों का रुझान
एक लीटर तेल की कीमत है 8 हजार रुपये; जंगली जानवर भी नहीं पहुंचाते नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पारंपरिक फसलों में लगातार हो रहे नुकसान और बढ़ती खेती लागत के बीच चंबा के किसानों के लिए जंगली गेंदा की खेती आय का नया विकल्प बनकर उभर रही है। इसकी खेती से निकलने वाले महंगे एसेंशियल ऑयल की बाजार में अच्छी मांग और ऊंची कीमत ने किसानों का रुझान इस ओर बढ़ा दिया है। कृषि एवं उद्यान विभाग भी किसानों को जंगली गेंदा की खेती अपनाने की सलाह दे रहा है।
गौरतलब है कि जंगली गेंदा से निकाले जाने वाले एसेंशियल ऑयल की कीमत करीब 8 हजार रुपये प्रति लीटर तक पहुंचती है। यही कारण है कि कम क्षेत्र में भी किसान बेहतर आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस फसल को जंगली जानवरों से अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है जिससे फसल सुरक्षित रहती है और किसानों का जोखिम भी घटता है।
जिले के भटियात क्षेत्र में पहले से ही करीब 200 किसान जंगली गेंदा की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता को देखकर अब चंबा के अन्य क्षेत्रों के किसान भी इस खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। यदि वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती और तेल प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाए तो यह नगदी फसल जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे सकती है। जंगली गेंदा का उपयोग औषधीय उत्पादों, इत्र, कॉस्मेटिक, कीटनाशक और सुगंध उद्योग में किया जाता है। इस कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है।
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उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि विभाग बागवानों को उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक खेती और विपणन संबंधी जानकारी उपलब्ध करवा रहा है। यदि बागवान समूह बनाकर इसकी खेती और तेल निष्कर्षण की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो उत्पादन लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।
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एक लीटर तेल की कीमत है 8 हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। पारंपरिक फसलों में लगातार हो रहे नुकसान और बढ़ती खेती लागत के बीच चंबा के किसानों के लिए जंगली गेंदा की खेती आय का नया विकल्प बनकर उभर रही है। इसकी खेती से निकलने वाले महंगे एसेंशियल ऑयल की बाजार में अच्छी मांग और ऊंची कीमत ने किसानों का रुझान इस ओर बढ़ा दिया है। कृषि एवं उद्यान विभाग भी किसानों को जंगली गेंदा की खेती अपनाने की सलाह दे रहा है।
गौरतलब है कि जंगली गेंदा से निकाले जाने वाले एसेंशियल ऑयल की कीमत करीब 8 हजार रुपये प्रति लीटर तक पहुंचती है। यही कारण है कि कम क्षेत्र में भी किसान बेहतर आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस फसल को जंगली जानवरों से अपेक्षाकृत कम नुकसान होता है जिससे फसल सुरक्षित रहती है और किसानों का जोखिम भी घटता है।
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जिले के भटियात क्षेत्र में पहले से ही करीब 200 किसान जंगली गेंदा की खेती कर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता को देखकर अब चंबा के अन्य क्षेत्रों के किसान भी इस खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। यदि वैज्ञानिक तरीके से इसकी खेती और तेल प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाए तो यह नगदी फसल जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे सकती है। जंगली गेंदा का उपयोग औषधीय उत्पादों, इत्र, कॉस्मेटिक, कीटनाशक और सुगंध उद्योग में किया जाता है। इस कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है।
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उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि विभाग बागवानों को उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक खेती और विपणन संबंधी जानकारी उपलब्ध करवा रहा है। यदि बागवान समूह बनाकर इसकी खेती और तेल निष्कर्षण की दिशा में आगे बढ़ते हैं तो उत्पादन लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा।