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Chamba News: मैहला पंचायत के प्रधान को अनियमितताओं पर चेतावनी
Sat, 26 Sep 2026 10:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 26 Sep 2026 10:25 PM IST
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जांच में सात आरोप प्रमाणित, तीन माह में भुगतान वाले अधूरे कार्य पूरे करने के दिए निर्देश
निविदा प्रक्रिया, कार्य निष्पादन में मिलीं खामियां, तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी सामने आई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत मैहला में विकास कार्यों से जुड़ीं अनियमितताओं के मामले में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने पंचायत प्रधान को चेतावनी जारी की है।
मामले की जांच में शिकायत में लगाए गए सात आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। उपायुक्त ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न करने की हिदायत दी है।
मामले में खंड विकास अधिकारी मैहला की 25 जून 2025 की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए थे। इसके बाद एसडीएम चंबा को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 146 के तहत नियमित जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। नौ मार्च 2026 की जांच रिपोर्ट में शिकायत में लगाए गए सभी सात आरोप प्रमाणित पाए गए।
जांच में निविदा प्रक्रिया में खामियां, बीआईएस प्रमाणन से संबंधित मामला, निविदा में दरों का उल्लेख, कार्यों के निष्पादन में अनियमितता और इंटरलॉकिंग टाइलों की सामग्री के लिए अग्रिम भुगतान से जुड़े बिंदु सामने आए। हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मनरेगा कार्यों के लिए सामग्री की खरीद निर्धारित प्रक्रिया के तहत खंड स्तर पर की जाती है और भुगतान की प्रक्रिया खंड विकास कार्यालय से जुड़ी है। ऐसे में पूरी खरीद प्रक्रिया की जिम्मेदारी केवल पंचायत प्रधान पर डालना उचित नहीं माना गया। मौके पर कार्य नहीं होने से जुड़े मामलों में तकनीकी कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सामने आई।
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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों के लिए सामग्री की आपूर्ति का भुगतान हो चुका है, उन्हें आदेश की तारीख से तीन माह के भीतर पूरा किया जाए। इसके लिए सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा। बीडीओ मैहला को कार्यों की निगरानी कर अनुपालन रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति होने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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यह है मामला
विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत मैहला में विकास कार्यों से जुड़ी अनियमितताओं का मामला साल 2025 में कुठवाड़ी निवासी रमेश कुमार की शिकायत के बाद मामला प्रकाश में आया था। शिकायतकर्ता ने पंचायत प्रधान पर विकासात्मक कार्यों जैसे मनरेगा और इंटरलॉक टाइल्स बिछाने के कार्यों में गोलमाल करने के संगीन आरोप लगाए थे। मामले में ग्राम रोजगार सेवक, आउटसोर्स पर तैनात कनिष्ठ अभियंता और ग्राम पंचायत सचिव की सेवाएं भी समाप्त की जा चुकी हैं।
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निविदा प्रक्रिया, कार्य निष्पादन में मिलीं खामियां, तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी सामने आई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत मैहला में विकास कार्यों से जुड़ीं अनियमितताओं के मामले में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने पंचायत प्रधान को चेतावनी जारी की है।
मामले की जांच में शिकायत में लगाए गए सात आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। उपायुक्त ने भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न करने की हिदायत दी है।
मामले में खंड विकास अधिकारी मैहला की 25 जून 2025 की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए थे। इसके बाद एसडीएम चंबा को हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 146 के तहत नियमित जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। नौ मार्च 2026 की जांच रिपोर्ट में शिकायत में लगाए गए सभी सात आरोप प्रमाणित पाए गए।
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जांच में निविदा प्रक्रिया में खामियां, बीआईएस प्रमाणन से संबंधित मामला, निविदा में दरों का उल्लेख, कार्यों के निष्पादन में अनियमितता और इंटरलॉकिंग टाइलों की सामग्री के लिए अग्रिम भुगतान से जुड़े बिंदु सामने आए। हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मनरेगा कार्यों के लिए सामग्री की खरीद निर्धारित प्रक्रिया के तहत खंड स्तर पर की जाती है और भुगतान की प्रक्रिया खंड विकास कार्यालय से जुड़ी है। ऐसे में पूरी खरीद प्रक्रिया की जिम्मेदारी केवल पंचायत प्रधान पर डालना उचित नहीं माना गया। मौके पर कार्य नहीं होने से जुड़े मामलों में तकनीकी कर्मचारियों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी सामने आई।
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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों के लिए सामग्री की आपूर्ति का भुगतान हो चुका है, उन्हें आदेश की तारीख से तीन माह के भीतर पूरा किया जाए। इसके लिए सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा। बीडीओ मैहला को कार्यों की निगरानी कर अनुपालन रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति होने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह है मामला
विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत मैहला में विकास कार्यों से जुड़ी अनियमितताओं का मामला साल 2025 में कुठवाड़ी निवासी रमेश कुमार की शिकायत के बाद मामला प्रकाश में आया था। शिकायतकर्ता ने पंचायत प्रधान पर विकासात्मक कार्यों जैसे मनरेगा और इंटरलॉक टाइल्स बिछाने के कार्यों में गोलमाल करने के संगीन आरोप लगाए थे। मामले में ग्राम रोजगार सेवक, आउटसोर्स पर तैनात कनिष्ठ अभियंता और ग्राम पंचायत सचिव की सेवाएं भी समाप्त की जा चुकी हैं।