{"_id":"62aa10cae2d6b66ca67a0068","slug":"waiting-for-hours-to-get-health-checkup-done-chamba-news-sml412235374","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए करना पड़ रहा घंटों इंतजार
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज चंबा में ओपीडी के बाहर अपनी बारी को इंतजार करते मरीज।संवाद
- फोटो : Chamba
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
हालात यह हैं कि बाल और मेडिसिन ओपीडी में एक-एक विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। इसके चलते मरीजों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। प्रबंधन के पास ओपीडी में बैठाने के लिए पर्याप्त मात्रा में विशेषज्ञ नहीं हैं। इसके चलते ओपीडी में एक-एक विशेषज्ञ बैठाकर काम चलाया जा रहा है। दूरदराज के इलाकों से आने वाले मरीज ओपीडी में विशेषज्ञ से मिलने के लिए घंटों इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
कई मरीज पर्ची पर अपना नंबर देखकर फर्श पर सोकर समय व्यतीत कर रहे हैं। गौरतलब है कि बाल और मेडिसिन विभाग से छह विशेषज्ञ नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। सरकार ने इन विभागों में विशेषज्ञों की आज तक नियुक्ति नहीं की है। जिले की पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है लेकिन जब मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं तो वहां पर उन्हें विशेषज्ञ से मिलने के लिए घंटों लाइन में खड़े होना पड़ रहा है।
चैन सिंह, अशोक कुमार, प्यार सिंह, सुरेंद्र और योगराज ने बताया कि चंबा में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद जिले के लोगों में खुशी की लहर थी। उन्हें उम्मीद थी कि अब उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी लेकिन मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में विशेषज्ञों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीज रोजाना चंबा से टांडा या शिमला रेफर किए जा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि विशेषज्ञों की कमी के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालात यह हैं कि बाल और मेडिसिन ओपीडी में एक-एक विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। इसके चलते मरीजों को घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। प्रबंधन के पास ओपीडी में बैठाने के लिए पर्याप्त मात्रा में विशेषज्ञ नहीं हैं। इसके चलते ओपीडी में एक-एक विशेषज्ञ बैठाकर काम चलाया जा रहा है। दूरदराज के इलाकों से आने वाले मरीज ओपीडी में विशेषज्ञ से मिलने के लिए घंटों इंतजार करने के लिए मजबूर हैं।
कई मरीज पर्ची पर अपना नंबर देखकर फर्श पर सोकर समय व्यतीत कर रहे हैं। गौरतलब है कि बाल और मेडिसिन विभाग से छह विशेषज्ञ नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। सरकार ने इन विभागों में विशेषज्ञों की आज तक नियुक्ति नहीं की है। जिले की पौने छह लाख की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है लेकिन जब मरीज मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं तो वहां पर उन्हें विशेषज्ञ से मिलने के लिए घंटों लाइन में खड़े होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
चैन सिंह, अशोक कुमार, प्यार सिंह, सुरेंद्र और योगराज ने बताया कि चंबा में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद जिले के लोगों में खुशी की लहर थी। उन्हें उम्मीद थी कि अब उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी लेकिन मेडिकल कॉलेज में मौजूदा समय में विशेषज्ञों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। मरीज रोजाना चंबा से टांडा या शिमला रेफर किए जा रहे हैं। प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने बताया कि विशेषज्ञों की कमी के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया है।
विज्ञापन