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Chamba News: ऑनलाइन ठगी के लिए शातिर अपना रहे तरह-तरह के हथकंडे
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बनीखेत (चंबा)। ऑनलाइन ठगी के लिए शातिर तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। ठगी करने वाले शातिर अब एम परिवहन डॉट एपीके नाम की फर्जी फाइल के जरिये खाते में सेंध लगाने का काम कर रहे हैं। ताजा मामला बनीखेत के सुकड़ाई बाई क्षेत्र में सामने आया है। यहां पर व्हाट्सएप हैकिंग कर दोस्तो-रिश्तेदारों से पैसों की डिमांड की गई। इस बात से अनभिज्ञ व्यक्ति रोजमर्रा की तरह अपनी दुकान में व्यस्त था। इतने में उसके दोस्त दुकान पर आ पहुंचे और उसे पूरी बात बताई। व्हाट्सएप हैकिंग की बात सुनते ही व्यक्ति ने पुलिस चौकी बनीखेत को सूचना दी। साथ ही बैंक से संपर्क कर अपने खाते की ऑनलाइन भुगतान सुविधा बंद करवाई ताकि किसी बड़ी वित्तीय ठगी से बचा जा सके।
पीड़ित संजय बेरी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे उनके मोबाइल फोन पर एम परिवहन डॉट एपीके नाम का एक मैसेज आया। उन्हें लगा कि शायद यह वाहन चालान या परिवहन विभाग से संबंधित कोई सूचना होगी। हालांकि, उन्होंने इसे खोला नहीं, लेकिन कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल फोन ठीक से काम करना बंद कर गया। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। ठगों ने संजय के व्हाट्स एप अकाउंट से उनके परिचितों को संदेश भेजकर पैसों की मांग की। संजय के अनुसार उनके दो दोस्तों ने भेजे गए स्कैनर कोड पर भरोसा करते हुए क्रमश: 2000 और 3000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। काफी देर तक संजय से संपर्क न होने पर दोनों दोस्त उनकी दुकान पर पहुंचे और पैसे भेजने की जानकारी दी। तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ कि साइबर अपराधियों ने उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया है और उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि लोगों को मोबाइल में आने वाले किसी भी लिंक को ओपन नहीं करना चाहिए।
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पीड़ित संजय बेरी ने बताया कि बुधवार सुबह करीब सात बजे उनके मोबाइल फोन पर एम परिवहन डॉट एपीके नाम का एक मैसेज आया। उन्हें लगा कि शायद यह वाहन चालान या परिवहन विभाग से संबंधित कोई सूचना होगी। हालांकि, उन्होंने इसे खोला नहीं, लेकिन कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल फोन ठीक से काम करना बंद कर गया। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। ठगों ने संजय के व्हाट्स एप अकाउंट से उनके परिचितों को संदेश भेजकर पैसों की मांग की। संजय के अनुसार उनके दो दोस्तों ने भेजे गए स्कैनर कोड पर भरोसा करते हुए क्रमश: 2000 और 3000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। काफी देर तक संजय से संपर्क न होने पर दोनों दोस्त उनकी दुकान पर पहुंचे और पैसे भेजने की जानकारी दी। तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ कि साइबर अपराधियों ने उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया है और उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि लोगों को मोबाइल में आने वाले किसी भी लिंक को ओपन नहीं करना चाहिए।
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