{"_id":"614f53f08ebc3e09df23626d","slug":"ultrasound-machine-gathering-dust-in-bharmour-hospital-chamba-news-sml38514910","type":"story","status":"publish","title_hn":"भरमौर अस्पताल में धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भरमौर अस्पताल में धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर के सिविल अस्पताल में पांच साल से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फांक रही है। पांच साल पहले सिविल अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का मेडिकल कॉलेज के लिए तबादला कर दिया गया था। तबसे लेकर आज दिन तक भरमौर अस्पताल में दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 65 किमी दूर जिला मुख्यालय चंबा जाना पड़ रहा है। इतनी लंबी दूरी तय करने में मरीजों का पूरा दिन निकल जाता है। जबकि, गर्भवती महिलाओं के लिए इतना लंबा सफर तय करना मुश्किल हो रहा है।
गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर अक्सर महिलाओं को सफर करने से परहेज करने के लिए कहते हैं। लेकिन, भरमौर क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 65 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पांच साल पहले कांग्रेस सरकार ने भरमौर अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट का तबादला किया था जबकि, पिछले चार साल से भाजपा भरमौर में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं कर पाई है।
गौरतलब है कि चंबा-भरमौर सड़क की हालत काफी दयनीय है। सड़क पर गड्ढों की भरमार है। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जिला मुख्यालय जाना मुश्किल हो रहा है। गर्भवती महिलाओं को निजी वाहनों में हिचकोले खाने पड़ते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंकित शर्मा ने बताया कि भरमौर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए सरकार और विभागीय उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। जल्द भरमौर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तैनात होने की उम्मीद है।
हजारों लोगों को परेशानी : किशोरी लाल
गरीमा पंचायत के पूर्व प्रधान किशोरी लाल ने बताया कि भरमौर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से दर्जनों पंचायतों के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज चंबा मुख्यालय की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
दोगुने चुकाने पड़ रहे दाम : अवतार
समाज सेवी अवतार सिंह ने बताया कि भरमौर में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को निजी प्रयोगशाला या मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड के दोगुने दाम चुकाने पड़ रहे हैं। क्योंकि मरीजों को चंबा तक पहुंचने के लिए वाहनों का किराया चुकाना पड़ता है।
कई बार उठा चुके हैं समस्या : रिंकेश
खणी पंचायत के पूर्व प्रधान रिंकेश कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करवाने के लिए वह कई बार सरकार और प्रशासन से मांग कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक सरकार भरमौर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू नहीं कर पाई है, जिससे मरीज परेशान होने के लिए मजबूर हैं।
सरकार के दावे खोखले : सुरेश
सेब फल उत्पादक संगठन के प्रधान सुरेश ठाकुर ने बताया कि सरकार जनजातीय क्षेत्र में विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन, भरमौर में स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सुविधा उपलब्ध करवाने में नाकाम हो रही है। इसकी वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर अक्सर महिलाओं को सफर करने से परहेज करने के लिए कहते हैं। लेकिन, भरमौर क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 65 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। पांच साल पहले कांग्रेस सरकार ने भरमौर अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट का तबादला किया था जबकि, पिछले चार साल से भाजपा भरमौर में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं कर पाई है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि चंबा-भरमौर सड़क की हालत काफी दयनीय है। सड़क पर गड्ढों की भरमार है। इसकी वजह से गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए जिला मुख्यालय जाना मुश्किल हो रहा है। गर्भवती महिलाओं को निजी वाहनों में हिचकोले खाने पड़ते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
विज्ञापन
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंकित शर्मा ने बताया कि भरमौर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए सरकार और विभागीय उच्चाधिकारी को अवगत करवा दिया गया है। जल्द भरमौर अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट तैनात होने की उम्मीद है।
हजारों लोगों को परेशानी : किशोरी लाल
गरीमा पंचायत के पूर्व प्रधान किशोरी लाल ने बताया कि भरमौर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से दर्जनों पंचायतों के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज चंबा मुख्यालय की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं।
दोगुने चुकाने पड़ रहे दाम : अवतार
समाज सेवी अवतार सिंह ने बताया कि भरमौर में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को निजी प्रयोगशाला या मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ रहा है। यहां उन्हें अल्ट्रासाउंड के दोगुने दाम चुकाने पड़ रहे हैं। क्योंकि मरीजों को चंबा तक पहुंचने के लिए वाहनों का किराया चुकाना पड़ता है।
कई बार उठा चुके हैं समस्या : रिंकेश
खणी पंचायत के पूर्व प्रधान रिंकेश कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करवाने के लिए वह कई बार सरकार और प्रशासन से मांग कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक सरकार भरमौर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू नहीं कर पाई है, जिससे मरीज परेशान होने के लिए मजबूर हैं।
सरकार के दावे खोखले : सुरेश
सेब फल उत्पादक संगठन के प्रधान सुरेश ठाकुर ने बताया कि सरकार जनजातीय क्षेत्र में विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन, भरमौर में स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सुविधा उपलब्ध करवाने में नाकाम हो रही है। इसकी वजह से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।