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जलशक्ति विभाग की लापरवाही से उपभोक्ताओं परेशान
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चंबा। जिला मुख्यालय में जलशक्ति विभाग की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। पेयजल और सीवरेज के तीन-तीन माह के बिलों को एक साथ उपभोक्ताओं को थमा दिया गया है। चंबा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अश्वनी भारद्वाज, प्रवक्ता सत्या प्रसाद और महासचिव सुरेश कश्मीरी ने जलशक्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं को तीन-तीन माह के बिलों को एक साथ भेज कर परेशान कर रहा है। कई उपभोक्ता तीन माह का एक साथ भारी-भरकम बिलों का भुगतान करने में असमर्थ हैं।
वे विभाग से आग्रह भी कर चुके हैं कि उन्हें प्रतिमाह के हिसाब से बिल दिए जाएं। कहा कि जलशक्ति विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से मार्च के तीन माह के भुगतान की अंतिम तारीख 15 अप्रैल घोषित कर दी। जबकि, 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस का सार्वजनिक अवकाश रहता है।
हैरत की बात है कि कुछ उपभोक्ता जब 16 अप्रैल को बिल का भुगतान करने के लिए पहुंचे तो उनसे 41 रुपये जुर्माने के रूप में भी वसूल किए गए, जो अनुचित है। ऐसे में चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने जनहित में विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में इस लापरवाही को उजागर करते हुए आग्रह किया है कि नाजायज तरीके से वसूला गया जुर्माना उपभोक्ताओं के अगले बिल के भुगतान में समायोजित करके उन्हें राहत प्रदान की जाए।
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वे विभाग से आग्रह भी कर चुके हैं कि उन्हें प्रतिमाह के हिसाब से बिल दिए जाएं। कहा कि जलशक्ति विभाग की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से मार्च के तीन माह के भुगतान की अंतिम तारीख 15 अप्रैल घोषित कर दी। जबकि, 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस का सार्वजनिक अवकाश रहता है।
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हैरत की बात है कि कुछ उपभोक्ता जब 16 अप्रैल को बिल का भुगतान करने के लिए पहुंचे तो उनसे 41 रुपये जुर्माने के रूप में भी वसूल किए गए, जो अनुचित है। ऐसे में चंबा वेलफेयर एसोसिएशन ने जनहित में विभाग के आला अधिकारियों के संज्ञान में इस लापरवाही को उजागर करते हुए आग्रह किया है कि नाजायज तरीके से वसूला गया जुर्माना उपभोक्ताओं के अगले बिल के भुगतान में समायोजित करके उन्हें राहत प्रदान की जाए।
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