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Chamba News: तेलका महाविद्यालय में इतिहास और हिंदी पढ़ाने वाला कोई नहीं
Fri, 06 Feb 2026 10:35 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 06 Feb 2026 10:35 PM IST
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तेलका (चंबा)। राजकीय महाविद्यालय तेलका में इतिहास और हिंदी विषय के प्रवक्ता लंबे समय से खाली होने के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वर्ष 2017 में यह महाविद्यालय विशेष रूप से दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोला गया है। उसी समय से इतिहास का प्रवक्ता और वर्ष 2022 से हिंदी के प्रवक्ता पद रिक्त हैं।
महाविद्यालय में कुल विद्यार्थियों में से लगभग 80 प्रतिशत छात्राएं हैं। महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण छात्राओं को नियमित मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। छात्राओं ने प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से तत्काल नियुक्ति की मांग की है, ताकि महाविद्यालय की मूल भावना के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
इतिहास का प्रवक्ता न होने के कारण परीक्षा नजदीक होने पर भी हमें स्वयं पढ़ाई करनी पड़ रही है। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द इतिहास के प्रवक्ता की नियुक्ति की जाए। सपना शर्मा, बीए प्रथम वर्ष, इतिहास
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हिंदी और इतिहास के प्रवक्ता न होने से भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए। सुकन्या देवल, बीए तृतीय वर्ष
हम दूरदराज क्षेत्र से आते हैं और बाहर जाकर पढ़ना हमारे लिए संभव नहीं है। सरकार को हमारी समस्या समझकर समाधान करना चाहिए। साक्षी देवी, बीए द्वितीय वर्ष
कॉलेज ग्रामीण और गरीब परिवार की लड़कियों के लिए खोला गया था, लेकिन प्रवक्ताओं की कमी के कारण उद्देश्य अधूरा रह गया है। सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र नियुक्ति की मांग है। इंदु कपूर, बीए प्रथम वर्ष
प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पदों के रिक्त होने के बारे में पहले ही अवगत करवा दिया गया है। वीरेंद्र सिंह, कार्यवाहक प्रधानाचार्य
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महाविद्यालय में कुल विद्यार्थियों में से लगभग 80 प्रतिशत छात्राएं हैं। महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ताओं की अनुपस्थिति के कारण छात्राओं को नियमित मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है। छात्राओं ने प्रदेश सरकार और उच्च शिक्षा विभाग से तत्काल नियुक्ति की मांग की है, ताकि महाविद्यालय की मूल भावना के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
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इतिहास का प्रवक्ता न होने के कारण परीक्षा नजदीक होने पर भी हमें स्वयं पढ़ाई करनी पड़ रही है। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द इतिहास के प्रवक्ता की नियुक्ति की जाए। सपना शर्मा, बीए प्रथम वर्ष, इतिहास
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हिंदी और इतिहास के प्रवक्ता न होने से भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए। सुकन्या देवल, बीए तृतीय वर्ष
हम दूरदराज क्षेत्र से आते हैं और बाहर जाकर पढ़ना हमारे लिए संभव नहीं है। सरकार को हमारी समस्या समझकर समाधान करना चाहिए। साक्षी देवी, बीए द्वितीय वर्ष
कॉलेज ग्रामीण और गरीब परिवार की लड़कियों के लिए खोला गया था, लेकिन प्रवक्ताओं की कमी के कारण उद्देश्य अधूरा रह गया है। सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र नियुक्ति की मांग है। इंदु कपूर, बीए प्रथम वर्ष
प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पदों के रिक्त होने के बारे में पहले ही अवगत करवा दिया गया है। वीरेंद्र सिंह, कार्यवाहक प्रधानाचार्य